दिल्ली मेट्रो को राजधानी और इसके आसपास के इलाकों की लाइफ लाइन कहा जाता है. न सिर्फ दिल्ली बल्कि NCR में रहने वाले लाखों लोग हर रोज अपने सफर के लिए दिल्ली मेट्रो पर निर्भर रहते हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार मेट्रो के विस्तार पर काम कर रही है. हाल ही में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में एनसीआर को दिल्ली मेट्रो से सीधे कनेक्ट करने के लिए छह प्रमुख कॉरिडोर बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई है. इन नए रूट्स के बनने से हरियाणा के साथ-साथ मेरठ का वह हिस्सा जो एनसीआर में आता है, वहां तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा और लोगों को अब घंटों तक सफर नहीं करना पड़ेगा.
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सोनीपत-पानीपत रूट का क्या है प्लान?
इस नए मेट्रो विस्तार प्लान के तहत पहला रूट सोनीपत-पानीपत का है. यह दरअसल नमो भारत के दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर का हिस्सा है, जहां सरकार अब मेट्रो भी चलाने की तैयारी कर रही है. इसके अलावा सोनीपत को दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन के 'रिठाला-नरेला-सोनीपत' कॉरिडोर के जरिए भी सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की एक बड़ी योजना पर काम चल रहा है.
गाजियाबाद-मेरठ रूट पर एक साथ चलेंगी दो ट्रेनें
इस योजना का दूसरा महत्वपूर्ण रूट गाजियाबाद से मेरठ का है. यह देश का पहला ऐसा अनोखा रूट बनने जा रहा है जहां मेट्रो और नमो भारत दोनों ट्रेनें एक ही साथ दौड़ेंगी. इस रूट के तहत शहर के अंदरूनी हिस्सों के लिए स्थानीय मेट्रो सेवा की शुरुआत हो चुकी है, जो आरआरटीएस (RRTS) के ही ट्रैक और स्टेशनों का इस्तेमाल करेगी.
फरीदाबाद से पलवल तक बढ़ेगी मेट्रो
तीसरे रूट के रूप में फरीदाबाद से पलवल कॉरिडोर को शामिल किया गया है. वर्तमान समय में दिल्ली मेट्रो की वॉयलेट लाइन अंतिम स्टेशन राजा नाहर सिंह (वल्लभगढ़) तक अपनी सेवाएं देती है. अब सरकार की योजना इस पूरी लाइन को आगे बढ़ाते हुए सीधे पलवल तक ले जाने की है, जिससे पलवल के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.
फरीदाबाद-गुरुग्राम के बीच स्वतंत्र मेट्रो लाइन
चौथे रूट के तौर पर फरीदाबाद और गुरुग्राम को आपस में जोड़ने की तैयारी है. इस रूट पर मुख्य रूप से हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) द्वारा एक स्वतंत्र मेट्रो लाइन बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. यह लगभग 52 से 60 किलोमीटर लंबा रूट होगा, जो पूरी तरह से मेट्रो कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा और फरीदाबाद व गुरुग्राम के मौजूदा मेट्रो स्टेशनों को आपस में सीधे कनेक्ट करेगा.
बहादुरगढ़ से रोहतक रूट का फिजिकल सर्वे शुरू
पांचवें रूट के तहत बहादुरगढ़ से रोहतक कॉरिडोर पर काम आगे बढ़ रहा है. मौजूदा समय में दिल्ली मेट्रो की ग्रीन लाइन ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेशन (बहादुरगढ़) पर समाप्त होती है, जिसे आगे आसौदा तक बढ़ाने के लिए फिलहाल फिजिकल सर्वे और डीपीआर (DPR) तैयार करने का काम चल रहा है. भविष्य में इसे रोहतक तक ले जाया जाएगा और रैपिड रेल से इंटरचेंज के जरिए भी कनेक्ट किया जाएगा.
गुरुग्राम-मानेसर-रेवाड़ी रूट पर शुरू हुआ निर्माण
छठे और आखिरी रूट के रूप में गुरुग्राम-मानेसर-रेवाड़ी कॉरिडोर को तैयार किया जा रहा है. इसमें गुरुग्राम सेक्टर 56 से लेकर मानेसर तक गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड द्वारा एक नई मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य पहले ही शुरू किया जा चुका है. इसके साथ ही इस रूट पर दिल्ली-अलवर रैपिड रेल का काम भी तेजी से चल रहा है.
इन सभी छह नए कॉरिडोर के धरातल पर उतरने के बाद आने वाले समय में दिल्ली-एनसीआर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट की पूरी तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी. इसके बाद दिल्ली और हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों के बीच का लंबा फासला घंटों के बजाय महज कुछ मिनटों में सिमट कर रह जाएगा.
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