अगर आप भी दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और रोज़ाना मेट्रो से सफर करते हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी और शानदार खुशखबरी है. दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण यानी फेज-4 को एक नई रफ्तार मिल गई है. सराय रोहिल्ला मेट्रो परिसर से इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्य का औपचारिक रूप से शुभारंभ होने जा रहा है. करीब सवा 12 किलोमीटर लंबा यह नया कॉरिडोर दिल्ली के उन चुनिंदा इलाकों को आपस में जोड़ने जा रहा है, जहां के लोग सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम की समस्या से परेशान रहते हैं. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) अब पश्चिमी, मध्य और पुरानी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को एक अलग ही स्तर पर ले जाने की तैयारी पूरी कर चुका है.
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इन इलाकों के मुसाफिरों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
इस नए इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 12.37 किलोमीटर है. इस पूरे रूट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बहादुरगढ़ और पश्चिमी दिल्ली की तरफ से आने वाले मुसाफिरों के लिए बेहद मददगार साबित होगा. इस रूट के बन जाने से इन इलाकों से आने वाले लोगों के लिए मध्य दिल्ली (सेंट्रल दिल्ली) और पूर्वी दिल्ली तक पहुंचने का रास्ता बेहद आसान और सुगम हो जाएगा. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों को अब पुरानी और मध्य दिल्ली के संकरे रास्तों और भारी ट्रैफिक में घंटों तक फंसने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनके समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी.
10 नए स्टेशन और इंजीनियर्स के सामने बड़ी चुनौती
इस पूरे नए कॉरिडोर के रूट पर कुल 10 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे. हालांकि, इस घनी आबादी वाले इलाके में काम करना दिल्ली मेट्रो के इंजीनियर्स के लिए एक बेहद बड़ी और कठिन चुनौती साबित होने वाला है. दरअसल, इस लगभग 12 किलोमीटर लंबे रूट का करीब 11.35 किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह से भूमिगत यानी अंडरग्राउंड तैयार किया जाएगा, जबकि केवल 1 किलोमीटर का हिस्सा ही एलिवेटेड यानी जमीन से ऊपर रहेगा. चूंकि मध्य दिल्ली का यह पूरा क्षेत्र बहुत ज्यादा घनी आबादी वाला इलाका है, इसलिए जमीन के नीचे सुरंग बनाने के लिए आधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) का इस्तेमाल किया जाएगा, जो कि इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.
ये होंगे इस रूट के सभी 10 मेट्रो स्टेशन
इस नए रूट पर यात्रियों की सुविधा के लिए जो 10 स्टेशन बनाए जाने हैं, उनमें इंद्रलोक, दयाबस्ती, सराय रोहिल्ला, अजमल खान पार्क, नबी करीम, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली गेट, दिल्ली सचिवालय, आईटीओ (ITO) और इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन शामिल हैं. इन स्टेशनों के बन जाने से दिल्ली के प्रमुख प्रशासनिक और व्यावसायिक केंद्रों तक लोगों की पहुंच बेहद आसान हो जाएगी.
चार बड़े इंटरचेंज स्टेशन बदलेंगे सफर का अंदाज़
इस नए मेट्रो कॉरिडोर की जो बात यात्रियों को सबसे ज्यादा सहूलियत देने वाली है, वो है इस रूट पर बनने वाले चार बड़े इंटरचेंज स्टेशन. इस पूरे रूट पर इंद्रलोक, सराय रोहिल्ला, नई दिल्ली और इंद्रप्रस्थ चार ऐसे बड़े स्टेशन होंगे, जहां से यात्री पलक झपकते ही दिल्ली मेट्रो की दूसरी लाइनों में स्विच कर सकेंगे. इन इंटरचेंज स्टेशनों की मदद से ना सिर्फ यात्रियों का कीमती समय बचेगा, बल्कि पूरी राजधानी के अलग-अलग कोनों के बीच एक सीधी, निर्बाध और सुपरफास्ट कनेक्टिविटी भी मिल जाएगी. रेलवे स्टेशन जाना हो या दिल्ली सचिवालय, अब यात्रियों के लिए सब कुछ बेहद स्मूथ होने वाला है.
मैजेंटा लाइन के विस्तार के रूप में चलेगी मेट्रो
डीएमआरसी (DMRC) ने इस पूरे प्रोजेक्ट को लेकर एक और बेहद दिलचस्प और बड़ा फैसला किया है. भविष्य में इस पूरे कॉरिडोर को मैजेंटा लाइन के विस्तार (Extension) के रूप में चलाया जाएगा. इसका सीधा सा मतलब यह है कि जब यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा, तो नोएडा के बॉटनिकल गार्डन से लेकर सीधे पश्चिमी दिल्ली के इंद्रलोक तक एक लंबा और बिना किसी रुकावट वाला निर्बाध मेट्रो कॉरिडोर तैयार हो जाएगा. इसके बाद नोएडा, साउथ दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली और वेस्ट दिल्ली के बीच का सफर इतना आसान हो जाएगा, जिसकी कल्पना पहले कभी नहीं की गई थी. दिल्ली-एनसीआर के लाखों डेली कम्यूटर्स के लिए दिल्ली मेट्रो का यह नया फेज-4 कॉरिडोर आने वाले समय में एक बड़ा वरदान साबित होने जा रहा है.
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Delhi Metro: डीएमआरसी का बड़ा फैसला, मेट्रो की इन 4 लाइनों पर अब सुनाई देंगे ऑडियो विज्ञापन
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