दिल्ली मेट्रो: पिंक लाइन को येलो लाइन से जोड़ने की उठी मांग, 5 लाख लोगों को होगा सीधा फायदा; जानें क्या है पूरा प्लान

दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाकों के यात्रियों ने पिंक लाइन को सीधे येलो लाइन (कश्मीरी गेट/विश्वविद्यालय) से जोड़ने की मांग की है. इससे रोजाना सफर करने वाले 5 लाख लोगों का समय बचेगा और खजूरी-भजनपुरा रोड पर लगने वाले भीषण जाम से राहत मिलेगी.

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दिनेश यादव

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दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के विस्तार के बाद भी यमुना पार के निवासियों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं. हाल ही में मौजपुर से मजलिस पार्क के बीच पिंक लाइन के नए कॉरिडोर की शुरुआत की गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है. अब मांग उठ रही है कि पिंक लाइन को येलो लाइन से जोड़ा जाए, ताकि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लाखों यात्रियों का सफर आसान हो सके.

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क्यों हो रही है पिंक लाइन को येलो लाइन से जोड़ने की मांग?

बीती 8 मार्च को पिंक लाइन के विस्तार का उद्घाटन हुआ था. यह लाइन तिमारपुर होते हुए मजलिस पार्क निकल जाती है. हालांकि, यमुना पार (यमुना विहार, भजनपुरा, सोनिया विहार) के अधिकांश यात्री कश्मीरी गेट बस अड्डा, चांदनी चौक या दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की तरफ जाने वाले होते हैं. पिंक लाइन सीधे इन इलाकों को नहीं जोड़ती, जिसकी वजह से यात्रियों को काफी घूमकर जाना पड़ता है या फिर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है.

यात्रियों की मांग है कि पिंक लाइन के भजनपुरा या नानकसर/सोनिया विहार स्टेशन को येलो लाइन के कश्मीरी गेट या दिल्ली विश्वविद्यालय स्टेशन से लिंक किया जाए.

इन इलाकों के 5 लाख लोगों को मिलेगा तगड़ा फायदा

अगर यह मांग पूरी होती है और दोनों लाइनों को जोड़ दिया जाता है, तो इसका सीधा लाभ उत्तर-पूर्वी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों को मिलेगा:

  • भजनपुरा और खजूरी खास
  • सोनिया विहार और करावल नगर
  • यमुना विहार और दयालपुर
  • गोंडा और खजूरी पुस्ता रोड

वर्तमान में इन इलाकों से रोजाना लगभग 5 लाख लोग शास्त्री पार्क, कश्मीरी गेट और विश्वविद्यालय की तरफ जाते हैं. मेट्रो कनेक्टिविटी न होने के कारण खजूरी खास पुस्ता रोड और भजनपुरा जैसे इलाकों में भीषण जाम लगता है, जिससे प्रदूषण और समय की बर्बादी दोनों होती है.

मुख्यमंत्री तक पहुंची फाइल

स्थानीय निवासियों की इस समस्या को विधायकों ने विधानसभा में भी उठाया है. अब यह मांग दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पास पहुंच गई है. यदि सरकार और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) इस पर मुहर लगाते हैं, तो यह यमुना पार के परिवहन ढांचे के लिए एक क्रांतिकारी कदम होगा. इससे न केवल सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आएगी.

 

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