देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध को लेकर सुर्खियों में है. पॉश इलाके नेहरू प्लेस में चाय पीने निकली दो महिलाओं के साथ न सिर्फ सरेआम बदसलूकी की गई, बल्कि उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए. यह शर्मनाक घटना रविवार, 10 मई की सुबह करीब 7:00 बजे की है. हैरानी की बात यह है कि जब यह सब हो रहा था, तब वहां मौजूद करीब 150 लोगों की भीड़ मूकदर्शक बनी रही और कुछ लोग तो हंसते हुए वीडियो बनाते रहे.
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चाय पीने निकली सहेलियों के साथ बदसलूकी
घटना कालकाजी थाना क्षेत्र के नेहरू प्लेस स्थित आइनॉक्स पार्किंग के पास हुई. पीड़ित महिलाओं में से एक असम की है और दूसरी बिहार की रहने वाली है. पीड़ितों के अनुसार, वे सुबह चाय पीने के लिए निकली थीं. जब वे पानी लेने के लिए पास की दूसरी दुकान की ओर बढ़ीं, तभी बाइक सवार युवकों ने उन पर भद्दी टिप्पणियां और कैट कॉलिंग शुरू कर दी. जब महिलाओं ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों की ईगो हर्ट हो गई और उन्होंने अपने अन्य साथियों को बुला लिया.
सरेआम मारपीट और छेड़खानी
पीड़िता ने रोते हुए अपना दर्द बयान किया कि करीब सात से आठ लड़कों ने उन्हें घेर लिया. आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, गलत तरीके से छुआ और सरेआम उनके कपड़े फाड़ दिए. पीड़िता के मुताबिक, आरोपियों ने उन पर नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियां भी कीं. महिलाओं का आरोप है कि वहां 150 से ज्यादा लोग मौजूद थे, लेकिन कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया. लोग केवल वीडियो बनाने और हंसने में मशगूल थे.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
पीड़ितों ने पुलिस के शुरुआती रवैये पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि शुरुआत में पुलिस इस मामले को लेकर काफी कैजुअल थी. जब उन्होंने नॉर्थ ईस्ट सेल को फोन किया और सामाजिक कार्यकर्ता गीता ताश्री की मदद ली, तब जाकर मामला दर्ज हुआ. पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी आरोपियों के साथी उनका पीछा कर रहे थे और उन्हें डराने-धमकने की कोशिश की जा रही थी. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी पीड़ितों को लेकर अपमानजनक मीम्स बनाए जाने की बात सामने आई है.
इलाके में नशीले पदार्थों और सुरक्षा का मुद्दा
पीड़िता ने नेहरू प्लेस इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां के टी-स्टॉल पर गांजा और अन्य नशीले पदार्थ बेचे जाते हैं. उनके अनुसार, वहां मौजूद कुछ कैब और ऑटो ड्राइवर महिलाओं को गलत नजर से देखते हैं और उनके साथ कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है. पीड़िता ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद कई अन्य लड़कियों ने भी उनसे संपर्क किया और बताया कि उनके साथ भी उसी इलाके में पहले ऐसी छेड़खानी हो चुकी है.
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की जानकारी मिलते ही कालकाजी पुलिस ने पीड़ितों का AIIMS में मेडिकल करवाया. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी डॉ. हेमंत तिवारी के अनुसार, इस मामले में बीएनएस (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर आठ लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें से चार मुख्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस फिलहाल अन्य आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
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