MCD Bulldozer Action in Delhi: दिल्ली के मेहरौली इलाके में अवैध निर्माण पर बड़ा एक्शन होने जा रहा है. सैदुलाजाब गांव में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली पुलिस पूरी तरह एक्शन में आ गई है. पुलिस की जांच और छानबीन में मेहरौली इलाके में एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 113 अवैध निर्माण रंगे हाथों पकड़े गए हैं. मेहरौली थाना पुलिस ने इन सभी अवैध और खतरनाक इमारतों की पूरी कुंडली तैयार करके नगर निगम (MCD) और साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर को भेज दी है, जिसके बाद अब इन पर कभी भी बुलडोजर चलने की कार्रवाई हो सकती है.
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सैदुलाजाब हादसे के बाद जागा प्रशासन
दिल्ली के सैदुलाजाब गांव में हाल ही में एक सात मंजिला अवैध बिल्डिंग गिरने का खौफनाक मंजर सामने आया था. इस दर्दनाक हादसे में छह मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मेहरौली थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई. पुलिस ने अपने बीट अफसरों को जमीन पर उतारा, क्योंकि बीट अफसरों को अपनी कॉलोनी की हर गली और वहां चल रहे हर लेंटर की सटीक खबर होती है. बीट ऑफिसर्स ने दिन-रात एक करके वार्ड नंबर दो, वार्ड नंबर सात और वार्ड नंबर आठ में छानबीन की और उन अवैध इमारतों की सूची तैयार की जो सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर बनाई जा रही हैं.
इन नामी कॉलोनियों में नियमों की उड़ी धज्जियां
पुलिस द्वारा तैयार की गई इस पुख्ता लिस्ट में दिल्ली के कई वीवीआईपी और नामी इलाकों के नाम शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक, नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध निर्माणों की इस सूची में इग्नू रोड, नेब सराय, छतरपुर, डीएलएफ फार्म, गुड़गांव (बॉर्डर क्षेत्र), अंबेडकर कॉलोनी, अंबिका कॉलोनी, फ्रीडम फाइटर एन्क्लेव और पर्यावरण कॉम्प्लेक्स जैसी दर्जन भर नामी कॉलोनियों के नाम शामिल हैं. पुलिस ने जो लिस्ट एमसीडी को सौंपी है, वह इतनी पुख्ता है कि कोई भी इससे मुकर नहीं सकता है.
तस्वीरों और मालिकों के नाम के साथ भेजी रिपोर्ट
बीट अफसरों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट बेहद सटीक और तकनीकी रूप से मजबूत है. इसमें सिर्फ कॉलोनियों के नाम ही नहीं लिखे गए हैं, बल्कि अवैध निर्माण का सटीक पता, वहां की लाइव तस्वीरें और उस प्रॉपर्टी के मालिक का नाम भी पूरी डिटेल के साथ अटैच करके भेजा गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सैदुलाजाब जैसे बड़े और दर्दनाक हादसे के बाद भी इन अवैध बिल्डरों के मन में कानून या मौत का कोई डर नहीं है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर एमसीडी ने अब भी इन 113 इमारतों पर सख्त एक्शन नहीं लिया, तो भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसे दोबारा होने से कोई नहीं रोक पाएगा.
दिल्ली सरकार का मास्टर प्लान: बनेगी खुद की SDRF
एक तरफ जहां दिल्ली में अवैध निर्माणों के खिलाफ हंटर चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली सरकार राजधानी को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान लेकर आई है. दिल्ली में बार-बार होने वाले हादसों और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए दिल्ली सरकार अब केंद्र की तर्ज पर अपनी खुद की राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल यानी SDRF बनाने जा रही है. इस महत्वाकांक्षी योजना पर सरकार बहुत तेजी से काम कर रही है और इसके स्वरूप को तय करने के लिए एनआईडीएम (NIDM) और एनडीआरएफ (NDRF) से खास सुझाव और सलाह मांगी जा रही है.
NDRF के रिटायर्ड जवान संभालेंगे कमान
अब तक दिल्ली में कोई भी बड़ी आपदा आने पर दिल्ली सरकार को पूरी तरह से केंद्र की एनडीआरएफ टीम पर निर्भर रहना पड़ता था. लेकिन प्रस्तावित स्थानीय एसडीआरएफ के आने के बाद दिल्ली के पास अपनी एक लोकल और एक्सपर्ट फोर्स होगी. इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इस नई फोर्स में एनडीआरएफ के उन रिटायर्ड जवानों और अधिकारियों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है, जिन्हें भूकंप, बाढ़, बिल्डिंग गिरने (कोलैप्स) और भीषण आग जैसी बड़ी आपदाओं से निपटने का बरसों का तगड़ा अनुभव है.
खतरनाक सिस्मिक जोन में है दिल्ली
दिल्ली सरकार का यह कदम इसलिए भी बेहद जरूरी माना जा रहा है क्योंकि दिल्ली भूकंप के लिहाज से बेहद खतरनाक 'सिस्मिक जोन 4' में आती है. इसके अलावा हाल ही के सालों में यमुना में आई भीषण बाढ़, बड़े-बड़े अग्निकांडों और लगातार गिरती अवैध इमारतों ने दिल्ली की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है. ऐसे में यह लोकल एसडीआरएफ टीम किसी भी आपातकालीन स्थिति में बिना समय गंवाए बेहद कम समय में तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर सकेगी और लोगों की जान बचाई जा सकेगी.
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