दिल्ली के मिलन विहार इलाके में उस समय भारी हंगामा और राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई, जब प्रशासन का बुलडोजर एक अवैध निर्माण को ढहाने पहुंचा. यमुना के ओ-जोन में शामिल पुश्ता रोड के पास स्थित इस इलाके में दो जेसीबी मशीनों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. इस कार्रवाई के बाद प्रभावित प्रॉपर्टी मालिक का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. पीड़ित ने स्थानीय भाजपा सांसद मनोज तिवारी पर सीधे और बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है.
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बेटे के 'आप' पार्षद होने के कारण बदले की कार्रवाई का आरोप
जिस जगह पर यह डेमोलिशन की कार्रवाई की जा रही है, उस प्लॉट के मालिक ने सीधे तौर पर सांसद मनोज तिवारी को इस तोड़फोड़ का जिम्मेदार ठहराया है. पीड़ित का आरोप है कि उनका बेटा आम आदमी पार्टी से स्थानीय निगम पार्षद है, और इसी राजनीतिक रंजिश के चलते मनोज तिवारी अपनी पूरी राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल करके उनके मकान को तुड़वा रहे हैं. पीड़ित ने दावा किया कि सांसद उन्हें पहले भी तीन-चार बार इस बात को लेकर धमका चुके हैं कि उन्होंने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है, जबकि यह उनकी निजी संपत्ति है.
बिना नोटिस 'हिटलरशाही' रवैया अपनाने का दावा
बुलडोजर एक्शन से आक्रोशित पीड़ित परिवार ने प्रशासन के इस रवैए को पूरी तरह से 'हिटलरशाही' करार दिया है. उनका कहना है कि इस इतनी बड़ी कार्रवाई से पहले उन्हें न तो कोई आधिकारिक नोटिस दिया गया और न ही किसी प्रकार की पूर्व जानकारी दी गई थी. पीड़ित ने भावुक होते हुए कहा कि इस जगह पर उनका करीब 25 साल पुराना मकान था, जहां पिछले 25 सालों से सरकारी बिजली का मीटर भी लगा हुआ है. उनका पुराना मकान नीचे धंस गया था, जिसे वे सिर्फ ऊपर उठा रहे थे, लेकिन बिना किसी कानूनी प्रक्रिया या सुनवाई के उनके आशियाने को जमींदोज कर दिया गया.
कार्रवाई से पहले 'आप' निगम पार्षद को पुलिस ने किया डिटेन
इलाके में किसी भी तरह के भारी विरोध, हंगामे या कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले ही सख्त कदम उठा लिए थे. डेमोलिशन की कार्रवाई शुरू होने से ठीक पहले ही स्थानीय आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया. पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया ताकि वे अपने समर्थकों के साथ मिलकर इस सरकारी कार्रवाई में किसी तरह का व्यवधान या बाधा उत्पन्न न कर सकें. इसके बाद ही भारी सुरक्षा के बीच तोड़फोड़ शुरू की गई.
इलाका छावनी में तब्दील, चार दिनों से जारी है पीला पंजा
मिलन विहार और उसके आसपास के क्षेत्रों में पिछले चार दिनों से लगातार यह डेमोलिशन अभियान चलाया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक मिलन विहार के साथ-साथ जगतपुर विस्तार और पुश्ता रोड के कई इलाकों में अवैध और इललीगल कंस्ट्रक्शन पर पीला पंजा चलाया गया है. मौके पर किसी भी हिंसक प्रदर्शन को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और महिला पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है. पूरा इलाका छावनी में तब्दील नजर आ रहा है और पुलिस का साफ कहना है कि विरोध करने वाले किसी भी शख्स को तुरंत हिरासत में लिया जाएगा.
आगे और तेज हो सकती है ओ-जोन में डेमोलिशन की कार्रवाई
संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ओ-जोन और सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ यह अभियान अभी रुकने वाला नहीं है. मिलन विहार पुश्ता रोड पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद आने वाले दिनों में क्षेत्र के कई अन्य चिन्हित ठिकानों और अवैध निर्माणों पर भी इसी तरह का डेमोलिशन अभियान चलाया जाएगा. पीड़ित ने रोते हुए सांसद से यह गुहार भी लगाई है कि उनका मकान तो टूट गया, लेकिन अब आगे कॉलोनी और गांव के दूसरे गरीब लोगों को बख्श दिया जाए.
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