दिल्ली की 1511 नियमित और अनाधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले निवासियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर सामने आई है. सरकार ने इन कॉलोनियों में मकानों को कानूनी रूप से पक्का कराने यानी कन्वीनियंस डीड (Convenience Deed) और ऑथराइजेशन स्लिप (Authorization Slip) की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और आसान बना दिया है. हालांकि, मकान मालिकों को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि सरकार ने इसके लिए 31 अक्टूबर 2026 की अंतिम तिथि तय की है. इस तय समयसीमा के बीत जाने के बाद किसी भी नए आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा.
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रजिस्ट्री प्रक्रिया का प्रोसेस
रजिस्ट्री कराने के लिए सबसे पहले आवेदक को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के आधिकारिक पीएम-उदय (PM-UDAY) पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर की सहायता से बेसिक रजिस्ट्रेशन करना होगा. रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर आवेदक को एक यूनिक केस आईडी प्राप्त होगी. इसके बाद डीडीए की टीम 7 दिनों के भीतर प्रॉपर्टी का जीआईएस (GIS) सर्वे करेगी. सर्वे के पूरा और सफल होते ही आवेदक को पीएम-उदय प्रॉपर्टी कार्ड जारी कर दिया जाएगा.
इसके बाद दूसरे चरण में एमसीडी (MCD) के स्वगम पोर्टल पर जाकर अपनी केस आईडी से लॉगिन करना होगा. यहां अपने मकान की पुरानी पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA), वसीयत, एग्रीमेंट टू सेल और मकान का नक्शा अपलोड करना होगा. यदि अपलोड किए गए कागजातों में कोई कमी पाई जाती है, तो 15 दिनों के भीतर पोर्टल पर ही डेफिशिएंसी मेमो (Deficiency Memo) का नोटिस जारी कर दिया जाएगा.
तीसरे चरण के तहत दस्तावेजों की पूरी तरह जांच होने के 45 दिनों के भीतर डीडीए और रेवेन्यू डिपार्टमेंट द्वारा कन्वीनियंस डीड या ऑथराइजेशन स्लिप जारी कर दी जाएगी. यह दस्तावेज सीधे आपके स्वगम पोर्टल अकाउंट में उपलब्ध करा दिया जाएगा और इसी के आधार पर एमसीडी द्वारा रेगुलाइजेशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा.
चौथे चरण में कन्वीनियंस डीड जारी होते ही आवेदक की जानकारी एनजीडीआरएस (NGDRS) पोर्टल पर ट्रांसफर कर दी जाएगी. यहां प्रॉपर्टी की सरकारी वैल्यू के हिसाब से ऑनलाइन स्टैंप ड्यूटी और 1% रजिस्ट्रेशन फीस का ई-पेमेंट करना होगा. भुगतान की रसीद डाउनलोड करने के बाद सब-रजिस्ट्रार ऑफिस का अपॉइंटमेंट स्लॉट बुक करना होता है.
अंतिम चरण में तय तारीख पर खरीदार, विक्रेता और दो गवाहों को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जाना होगा. वहां मूल दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट और लाइव फोटो रिकॉर्ड की जाएगी, जिसके बाद मूल कन्वीनियंस डीड आवेदक को सौंप दी जाएगी.
रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए कुछ जरूरी कागजात होना अनिवार्य है. इसमें सभी संबंधित पक्षों के सरकारी पहचान और पते के प्रमाण पत्र (जैसे पहचान पत्र), प्रॉपर्टी की पुरानी पूरी ओनरशिप चेन (जीपीए, बिल, एग्रीमेंट टू सेल आदि) शामिल हैं. इसके अलावा लेटेस्ट प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, बिजली या पानी का बिल, पीएम-उदय प्रॉपर्टी कार्ड, कन्वीनियंस डीड, ई-स्टैंप फीस की रसीद और सभी पक्षों के दो-दो पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होगी.
पक्की रजिस्ट्री कराने के बड़े फायदे
पक्की रजिस्ट्री कराने से मकान मालिक को अपनी प्रॉपर्टी पर 100% कानूनी मालिकाना हक मिल जाता है. इससे प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चलने या तोड़फोड़ की कार्रवाई का डर हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है. इसके अलावा, पक्की रजिस्ट्री के आधार पर किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक से आसानी से होम लोन या मॉर्गेज लोन प्राप्त किया जा सकता है. भविष्य में मकान को बेचना या बच्चों के नाम पर ट्रांसफर करना भी पूरी तरह से सुरक्षित हो जाता है.
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