अब गाड़ी चलाने वाले सावधान, 1 अक्टूबर से बिना PUC कटेगा 10 हजार का चालान, जान लें नियम

न्यूज तक डेस्क

• 10:52 AM • 28 Sep 2026

दिल्ली में 1 अक्टूबर से इनवैलिड या एक्सपायर्ड PUC वाली गाड़ियों के खिलाफ कड़ा चेकिंग अभियान शुरू हो रहा है, जिसमें पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का चालान कटेगा. प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए सरकार ने PUC सेंटरों की कैमरों से निगरानी और बुराड़ी में देश के सबसे बड़े ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की शुरुआत भी की है.

Delhi PUC Enforcement:
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अगर आप दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर गाड़ी लेकर निकलते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है. 1 अक्टूबर से दिल्ली सरकार प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान (Enforcement Drive) शुरू करने जा रही है. अब सिर्फ गाड़ी का हॉर्न, ब्रेक या इंजन ठीक होना ही काफी नहीं होगा, बल्कि आपकी जेब में रखा 'PUC Certificate' (प्रदूषण जांच पत्र) भी पूरी तरह अपडेट होना चाहिए. अगर PUC की मियाद खत्म हो चुकी है, तो भारी-भरकम जुर्माना भरने के लिए तैयार रहिए.

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लापरवाही पड़ेगी भारी, लगेगा 10,000 रुपये तक का चालान

सर्दियों के मौसम में दिल्ली की आबोहवा में घुलने वाले धुएं और स्मॉग को रोकने के लिए सरकार इस बार पहले से ही सख्त नजर आ रही है. अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर चेकिंग के दौरान अगर किसी गाड़ी का PUC सर्टिफिकेट एक्सपायर्ड या इनवैलिड पाया गया, तो 10,000 रुपये तक का चालान काटा जाएगा. ऐसे में किसी भी तरह के नुकसान से बचने के लिए तुरंत अपनी गाड़ी के पेपर चेक कर लें और जरूरत हो तो नया सर्टिफिकेट बनवा लें.

PUC सेंटरों पर रहेगी कैमरों की पैनी नजर

फर्जी या बिना जांच के सर्टिफिकेट जारी करने वाले PUC सेंटरों पर शिकंजा कसने के लिए भी नई तैयारी की गई है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के सभी PUC सेंटरों में कैमरे लगाए जा रहे हैं. इसका मकसद पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है. अत्याधुनिक तकनीक की मदद से यह निगरानी की जाएगी कि गाड़ियों की जांच सही मानकों पर हो रही है या नहीं.

बुराड़ी में खुला देश का सबसे बड़ा ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन

दिल्ली की हवा को सांस लेने लायक बनाए रखने के लिए सरकार बुनियादी ढांचे में भी बड़े बदलाव कर रही है. इसी कड़ी में बुराड़ी में देश का सबसे बड़ा 'ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन' (ATS) शुरू किया गया है.

सालाना क्षमता: यह स्टेशन हर साल 1 लाख गाड़ियों (40,000 भारी वाहन और 60,000 हल्के वाहन) की फिटनेस और प्रदूषण की जांच कर सकेगा.

हाई-टेक जांच: ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर पंकज सिंह के मुताबिक, यहां गाड़ियों की जांच के लिए इंसान नहीं, बल्कि ऑटोमेटेड मशीनें काम करेंगी. इसमें ब्रेक, सस्पेंशन, हेडलाइट, साइड-स्लिप, इमिशन लेवल और गाड़ी के निचले हिस्से (Underside) की बारीकी से पड़ताल होगी.

इससे पहले 3 सितंबर को तेहखंड में भी 72,000 वाहनों की सालाना क्षमता वाला ऐसा ही एक ऑटोमेटेड सेंटर शुरू किया जा चुका है.

समय रहते करा लें जांच

सरकार की इस पूरी कवायद का मकसद दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और सड़कों पर केवल सुरक्षित व मानकों पर खरी उतरने वाली गाड़ियों को ही चलने की इजाजत देना है. इसलिए 1 अक्टूबर की तारीख से पहले अपनी गाड़ी का पोल्यूशन टेस्ट जरूर करवा लें, ताकि चालान और परेशानी दोनों से बचा जा सके.

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