राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ जंग और सार्वजनिक परिवहन को हाईटेक बनाने की दिशा में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली वासियों को एक साथ चार बड़े तोहफे देते हुए 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई. इसके साथ ही दिल्ली अब देश का सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसों वाला शहर बन गया है.
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दिल्ली-रोहतक के बीच शुरू हुई इंटरस्टेट सेवा
हरियाणा जाने वाले यात्रियों के लिए सरकार ने बड़ी सुविधा शुरू की है. अब दिल्ली से रोहतक का सफर पूरी तरह प्रदूषण मुक्त और आरामदायक होगा.
रूट: यह इलेक्ट्रिक बस आईएसबीटी कश्मीरी गेट और पीरागढ़ी चौक से होकर बहादुरगढ़ और सांपला होते हुए रोहतक बस स्टैंड तक जाएगी.
इससे दिल्ली और हरियाणा के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी.
ई-बसों की संख्या में दिल्ली नंबर-1
ईस्ट विनोद नगर डिपो से नई बसों को रवाना करने के साथ ही डीटीसी (DTC) के बेड़े में कुल बसों की संख्या 6300 हो गई है. इनमें से 4538 बसें केवल इलेक्ट्रिक हैं, जो पूरे देश में किसी भी शहर के मुकाबले सबसे ज्यादा है. सरकार का लक्ष्य साल 2028-29 तक दिल्ली की सड़कों पर 14,000 बसें उतारने का है, ताकि हर कोने को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके.
तंग गलियों के लिए 'देवी बसें' और नया टर्मिनल
मुख्यमंत्री ने उन इलाकों का भी ध्यान रखा है जहां सड़कें संकरी हैं. इसके लिए खास तौर पर 'देवी बसें' पेश की गई हैं, जो दूरदराज की कॉलोनियों और तंग रास्तों पर आसानी से चल सकेंगी. इसके अलावा:
मदनपुर खादर: कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन के पास एक नया बस टर्मिनल जनता को समर्पित किया गया. यह टर्मिनल दिव्यांगों के अनुकूल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे फीचर्स से लैस है.
ईस्ट विनोद नगर डिपो: यहां एक नई एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग बनाई गई है, जिसमें ड्राइवरों के लिए हेल्थ चेकअप और बायोमेट्रिक सिस्टम की सुविधा होगी.
ग्रीन मोबिलिटी की ओर बढ़ते कदम
परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सुरक्षित सफर के लिए ड्राइवरों की सेहत और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार की प्राथमिकता है. साथ ही, होलंबी कलां में ई-कचरा डिस्पोजल प्लांट लगाने की योजना पर भी काम चल रहा है. इन पहलों से साफ है कि दिल्ली अब भविष्य की 'ग्रीन मोबिलिटी' की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है.
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