दिल्ली: त्रिनगर में 'सूअर' पालने पर बवाल, हिंदू और मुस्लिम पक्ष के दावों ने उलझाया मामला, इलाके में तनाव

दिल्ली के त्रिनगर में सूअर पालने और वराह अवतार की पूजा को लेकर दो पक्षों में विवाद छिड़ा है, जहां मुस्लिम पक्ष ने खुद पर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए सीसीटीवी फुटेज के साथ साजिश का दावा किया है.

दिल्ली न्यूज
दिल्ली न्यूज

न्यूज तक डेस्क

follow google news

देश की राजधानी दिल्ली के त्रिनगर इलाके (ओमकार नगर) में सूअर पालने को लेकर दो समुदायों के बीच गहरा विवाद पैदा हो गया है. जहां हिंदू परिवारों का दावा है कि वे 'वराह अवतार' के रूप में उनकी पूजा कर रहे हैं, वहीं स्थानीय मुस्लिम परिवारों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे परेशान करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है.

Read more!

मुस्लिम पक्ष का पलटवार, 'जहर देकर खुद मारे सूअर'

मुस्लिम पक्ष के लोगों का आरोप है कि उन्हें बदनाम करने और इलाके से भगाने के लिए झूठी कहानियां गढ़ी जा रही हैं. उनका कहना है कि हिंदू परिवारों ने खुद ही सूअरों को जहर देकर मारा और इल्जाम उन पर लगा दिया. एक स्थानीय निवासी ने दावा किया कि उनके पास सीसीटीवी (CCTV) फुटेज है जिसमें खुद वे लोग ही सूअरों को कुछ खिलाते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद उनकी मौत हुई.

चिढ़ाने और प्राइवेसी के उल्लंघन का आरोप

वीडियो रिपोर्ट में मुस्लिम पक्ष ने बताया कि सूअर पालने का मकसद धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि उन्हें चिढ़ाना है. [03:16] निवासियों का कहना है कि जब भी कोई मुस्लिम महिला बुर्का पहनकर वहां से गुजरती है, तो सूअरों को मुस्लिम नामों से पुकारकर उन पर फब्तियां कसी जाती हैं. 

इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी विवाद है. मुस्लिम पक्ष का कहना है कि उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए थे क्योंकि कुछ लोग उनके घर में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे थे, जबकि दूसरा पक्ष इसे अपनी प्राइवेसी का उल्लंघन बता रहा है. 

'पूजा से दिक्कत नहीं, नफरत से है'

स्थानीय मुस्लिम महिलाओं का कहना है कि उन्हें किसी के भी धर्म या पूजा-पाठ (वराह अवतार की पूजा) से कोई समस्या नहीं है. समस्या तब होती है जब उन्हें 'पाकिस्तानी' कहा जाता है या उनके घर के आगे कचरा और हड्डियां फेंकी जाती हैं. उनका आरोप है कि राजनीतिक समर्थन मिलने के बाद से इलाके का सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है.

पुलिस और कोर्ट की शरण में मामला

विवाद इतना बढ़ गया है कि मामला अब कोर्ट तक पहुंच चुका है. पुलिस ने इलाके में सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए परमानेंट फोर्स तैनात कर दी है. दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है कि आखिर सूअरों की मौत कैसे हुई और विवाद की असली जड़ क्या है.

 

    follow google news