दिल्ली की अनधिकृत (Unauthorised) कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. केंद्र और दिल्ली सरकार के साझा प्रयास से अब इन कॉलोनियों को नियमित (Regularize) करने की प्रक्रिया तेज हो गई है. दिल्ली की कुल 1731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1511 कॉलोनियों को नियमित किया जा रहा है, जिससे लगभग 10 लाख मकानों को मालिकाना हक मिलेगा और 50 लाख लोगों को इसका सीधा लाभ होगा.
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बुलडोजर का डर होगा खत्म, मिलेगा मालिकाना हक
अब तक इन कॉलोनियों के मकानों पर अवैध होने के कारण बुलडोजर चलने का खतरा बना रहता था और लोगों के पास अपने मकान की पक्की रजिस्ट्री नहीं थी. लेकिन अब सरकार ने 'जहाँ है, जैसा है' (As is Where is) के आधार पर नियमितीकरण की योजना बनाई है. इससे न केवल मालिकाना हक मिलेगा, बल्कि बैंक लोन, संपत्ति की खरीद-फरोख्त और सरकारी योजनाओं (पानी, सीवर, बिजली) का लाभ मिलना भी आसान हो जाएगा.
आवेदन के लिए 3 प्रमुख पोर्टल
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तीन पोर्टल एक साथ काम करेंगे:
- PM-UDAY पोर्टल: यहां आपको अपना रजिस्ट्रेशन कराकर 'पीएम उदय कार्ड' बनवाना होगा.
- MCD स्वगम (Swagam) पोर्टल: यह पोर्टल 24 अप्रैल से शुरू होगा. रजिस्ट्री के लिए आपको यहीं लॉगिन करना होगा.
- NGDRS पोर्टल: यह प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन का मुख्य सिस्टम है, जहाँ आपका डेटा वेरिफिकेशन के बाद अपने आप ट्रांसफर हो जाएगा.
आवेदन कैसे करें?
- पीएम उदय आईडी: सबसे पहले पीएम उदय पोर्टल पर जाकर खुद को रजिस्टर करें और अपना कार्ड बनवाएं. इसके बिना आप आगे आवेदन नहीं कर पाएंगे.
- नक्शा तैयार रखें: आवेदन करने से पहले अपने मकान का नक्शा (Layout) बनवा लें, क्योंकि इसे पोर्टल पर अपलोड करना होगा.
- स्वगम पोर्टल पर लॉगिन: 24 अप्रैल के बाद एमसीडी के 'स्वगम पोर्टल' पर जाकर 'New Property Registration' विकल्प चुनें और मांगी गई जानकारी भरें.
- वेरिफिकेशन: आपके द्वारा दी गई जानकारी की जांच के लिए 7 दिनों के भीतर एक टीम (जिसका नेतृत्व एडीएम करेंगे) सर्वे करेगी.
- रजिस्ट्री: यदि जानकारी सही पाई जाती है, तो 45 दिनों के भीतर आपको ऑथोराइजेशन स्लिप या कन्वेंस डीड (रजिस्ट्री) जारी कर दी जाएगी.
कौन उठा सकता है लाभ?
इस योजना का लाभ केवल वही लोग उठा सकते हैं जिनके मकान या जमीन 1 जनवरी 2024 (कट-ऑफ डेट) से पहले के हैं.
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