दिल्ली में 1500 से अधिक कच्ची कॉलोनियों के 50 लाख लोगों को मिलेगा मालिकाना हक, जानें क्या है सरकार का 'मेगा प्लान'

PM UDAY Scheme: दिल्ली में 1500 से ज्यादा कच्ची कॉलोनियों के करीब 50 लाख लोगों को बड़ी राहत मिलने जा रही है. केंद्र सरकार के 'जहां है जैसी है' मेगा प्लान के तहत अब इन कॉलोनियों को नियमित कर मालिकाना हक दिया जाएगा. पीएम उदय योजना में सुधार और MCD के नए 'सुगम पोर्टल' से प्रक्रिया होगी आसान, जानिए कैसे मिलेगा घर का कानूनी अधिकार.

Delhi Unauthorized Colonies
Delhi Unauthorized Colonies

विजय नेगी

follow google news

दिल्ली की अनाधिकृत (अवैध) कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर आई है. केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि इन कॉलोनियों को 'जहां है जैसी है' (As is where is) के आधार पर नियमित किया जाएगा. इस ऐतिहासिक फैसले से दिल्ली की 1500 से अधिक कच्ची कॉलोनियों में स्थित करीब 10 लाख मकानों को सीधा फायदा होगा. इसका मतलब है कि अब तक अनिश्चितता और बुलडोजर के डर के साए में जी रही करीब 50 लाख की आबादी को उनके घरों का कानूनी मालिकाना हक मिल सकेगा.

Read more!

पीएम उदय योजना में सुधार और सुगम पोर्टल की शुरुआत

मालिकाना हक देने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने मौजूदा बाधाओं को दूर कर लिया है. 2019 में शुरू हुई पीएम उदय योजना की रफ्तार अब तक काफी धीमी थी, जिसके तहत केवल 40000 कन्वेंस डीड ही जारी हो पाई थीं. तकनीकी दिक्कतों के कारण लेआउट प्लान को मंजूरी नहीं मिल पा रही थी, लेकिन अब केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मेगा प्लान के जरिए प्रक्रिया को बेहद सरल बनाने का ऐलान किया है. आगामी 24 अप्रैल से नगर निगम (MCD) का 'सुगम पोर्टल' शुरू होने जा रहा है, जो इस पूरी व्यवस्था का गेम चेंजर साबित होगा.

कैसे मिलेगा मालिकाना हक और क्या है प्रक्रिया?

मालिकाना हक पाने के लिए निवासियों को अब ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी होगी. उन्हें बस एमसीडी के पैनल पर मौजूद किसी अधिकृत आर्किटेक्ट से अपने मकान का नक्शा बनवाना होगा और उसे सुगम पोर्टल पर अपलोड करना होगा. एक बार मकान नियमित हो जाने के बाद, मालिक अपने घर पर बैंक लोन भी ले सकेंगे, जो अब तक इन कॉलोनियों के लिए लगभग नामुमकिन था. सरकार ने कुल 10,731 अवैध कॉलोनियों में से 10,511 को इस राहत योजना के दायरे में शामिल किया है.

3D मैपिंग से होगी निगरानी और अफोर्डेबल हाउसिंग का तोहफा

राहत देने के साथ-साथ सरकार अवैध निर्माण को लेकर अब और भी सख्त हो गई है. पूरी दिल्ली की 3D मैपिंग कराई गई है और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, हर दो महीने में दोबारा मैपिंग की जाएगी. यदि कहीं भी नया अवैध निर्माण पाया गया, तो उसे तत्काल हटा दिया जाएगा ताकि भविष्य में अनियोजित विकास को रोका जा सके. इसके अलावा, सरकार ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) योजना के तहत मेट्रो और रेलवे स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में किफायती घर बनाने का प्रोजेक्ट भी ला रही है, जिसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए मात्र 600 दिनों में मंजूरी मिल जाएगी.

यहां देखें वीडियो

'मलाई मिली तो साथ थे, मुसीबत आई तो...', राघव चड्ढा पर सोमनाथ भारती ने कसा तंज, किए कई बड़े खुलासे!

    follow google news