दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों के लिए एक बड़ी सौगात दी है. सरकार की ओर से कक्षा 9 में पढ़ने वाली छात्राओं को साइकिल देने की शुरुआत की गई है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की बेटियों को न केवल बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है, बल्कि उनकी सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को भी सुनिश्चित करना है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि हर साल 9वीं कक्षा में आने वाली सभी छात्राओं को 'विद्या वाहिनी योजना' के तहत साइकिल प्रदान की जाएगी.
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विद्या वाहिनी योजना से बढ़ेगा आत्मविश्वास
इस योजना के अंतर्गत दिल्ली के सरकारी स्कूलों की 1,400 छात्राओं को साइकिलें बांटी गई हैं. सरकार का मानना है कि यह साइकिल केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने का साधन मात्र नहीं है, बल्कि यह बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. साइकिल मिलने के बाद छात्राएं अब आसानी से अपने स्कूल आ-जा सकेंगी, जिससे उनके चेहरे पर एक अलग ही खुशी और उत्साह देखने को मिला है.
ड्रॉपआउट की समस्या पर लगेगा अंकुश
अक्सर देखा जाता है कि स्कूल दूर होने या आने-जाने के साधनों की कमी के कारण माता-पिता बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं, जिससे बच्चियों को बीच में ही पढ़ाई छोड़नी (ड्रॉपआउट) पड़ती है. सरकार की 'विद्या वाहिनी योजना' इन तमाम समस्याओं का सीधा समाधान लेकर आई है. इससे छात्राओं की पढ़ाई बीच में छूटने का खतरा कम होगा और वे बिना किसी रुकावट के अपनी शिक्षा पूरी कर सकेंगी.
हर साल 9वीं की छात्राओं को मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के सपने को आगे बढ़ाते हुए इस योजना को स्थायी रूप से लागू किया जा रहा है. सरकार ने यह तय किया है कि भविष्य में भी हर वर्ष जो बेटियां 9वीं कक्षा में प्रवेश लेंगी, उन सभी को विद्या वाहिनी योजना के तहत साइकिल दी जाएगी. सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली की हर बेटी आगे बढ़े और शिक्षा के पथ पर किसी भी प्रकार की बाधा का सामना न करें.
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