आम आदमी पार्टी (AAP) के 'पोस्टर बॉय' कहे जाने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच चल रही तल्खियां अब खुलकर सामने आ गई हैं. लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे कि राघव चड्ढा पार्टी लाइन से हटकर चल रहे हैं, लेकिन अब आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के उपनेता (Deputy Leader) पद से हटा दिया है. इस बड़े फैसले के बाद दिल्ली की सियासत में भूचाल आ गया है और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है.
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"मेरी खामोशी को हार मत समझना"
पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी किया है. इसमें उन्होंने बेहद गंभीर और फिल्मी अंदाज में संदेश देते हुए कहा, "मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना." उनके इस बयान ने सियासी गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है. चर्चा है कि क्या राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी का दामन छोड़कर बीजेपी या कांग्रेस में शामिल होंगे या फिर अपनी अलग राह चुनेंगे.
सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं लोग?
राघव चड्ढा के इस विवाद पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर यूजर्स दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं:
- बीजेपी में जाने की सलाह: कुछ यूजर्स का मानना है कि आम आदमी पार्टी ने खुद ही राघव के लिए बीजेपी का रास्ता साफ कर दिया है. फिल्म मेकर दीपिका नारायण भारद्वाज ने लिखा कि आप ने राघव के बीजेपी में जाने का मार्ग तैयार कर दिया है.
- नई पार्टी का सुझाव: रोहताश नाम के यूजर ने लिखा कि राघव को अपनी अलग पार्टी बनानी चाहिए और सीधे जनता के मुद्दे उठाने चाहिए.
- बीजेपी न जाने की नसीहत: नमरा पटेल जैसी यूजर ने लिखा कि बीजेपी में जाने से उनकी कमाई हुई इज्जत खत्म हो जाएगी, क्योंकि वहां उन्हें बस आईटी सेल के आदेशों का पालन करना होगा.
- मौकापरस्ती का आरोप: 'मिस्टर सिन्हा' नाम के यूजर ने राघव पर मौकापरस्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस सीढ़ी (केजरीवाल) के दम पर वे आगे बढ़े, अब उसी से पल्ला झाड़ रहे हैं.
पार्टी नेताओं के ताबड़तोड़ हमले
जहाँ एक तरफ राघव चड्ढा ने दूरी बनाई है, वहीं आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और अनुराग ढांडा भी लगातार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी इस मामले में अपनी राय रखी है. हालांकि, पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने अभी तक इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है.
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