हिमाचल प्रदेश में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली पुलिस और हिमाचल प्रदेश पुलिस आमने-सामने आ गईं. मामला AI समिट के दौरान हुए प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां तीन युवकों पर शर्टलेस होकर विरोध जताने का आरोप है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम इन तीनों को शिमला से गिरफ्तार कर दिल्ली ले जा रही थी. लेकिन रास्ते में सोलन जिले के धर्मपुर में हिमाचल पुलिस ने नाका लगाकर वाहन को रोक लिया. इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तीखी बहस हुई.
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बताया जा रहा है कि 20 तारीख को दर्ज FIR के आधार पर दिल्ली पुलिस कार्रवाई कर रही थी. इससे पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. स्पेशल सेल के ACP राहुल विक्रम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और FIR मौजूद है. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें ड्यूटी करने से रोका जा रहा है. वहीं शिमला के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने स्थानीय पुलिस को बिना सूचना दिए कार्रवाई की. उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है.
सोलन में हाई-वोल्टेज ड्रामा
धर्मपुर में दोनों पक्षों में काफी गहमागहमी देखी गई. मीडिया भी मौके पर मौजूद थी. हिमाचल पुलिस का कहना है कि राज्य की सीमा में किसी भी गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस को सूचित करना जरूरी है. इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, इसलिए कार्रवाई को अवैध माना गया. बाद में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को छोड़ दिया गया, लेकिन तीनों यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिमाचल पुलिस अपने साथ शिमला ले गई.
इस पूरे घटनाक्रम में जिस नाम की सबसे अधिक चर्चा हो रही है, वह है दिल्ली पुलिस के अधिकारी राहुल विक्रम. वह दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) के पद पर तैनात हैं.
किन्हें गिरफ्तार करने गई थी पुलिस
जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की टीम प्रोटेस्ट में शामिल सौरभ, अरबाज और सिद्धार्थ को गिरफ्तार करके ला रही थी. इनपर AI समिट के दौरान प्रदर्शन करने का आरोप है. प्रोटेस्ट करने के बाद वे फरार होकर हिमाचल में छुपे थे. स्पेशल सेल इन्हीं कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके लेकर आ रही है
आरोपी सौरभ अमेठी और अरबाज सुल्तानपुर का निवासी है, इसके अलावा तीसरा आरोपी सिद्धार्थ है, जो रीवा का रहने वाला है. ये सभी फरार हो के हिमाचल में छुपे थे. गिरफ्तार 3 आरोपियों में से 2 प्रोटेस्ट में खुद मौजूद थे जबकि एक साजिश में शामिल था.
कौन हैं राहुल विक्रम?
राहुल विक्रम वर्ष 2018 बैच के दानिप्स (DANIPS) अधिकारी हैं. वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के निवासी हैं. पिछले कई वर्षों से वह दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में कार्यरत हैं.
स्पेशल सेल में उनकी प्रमुख जिम्मेदारी काउंटर टेररिज्म और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई रही है. उनके नेतृत्व में टीम ने कई बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है.
कई बड़े ऑपरेशन को दे चुके अंजाम
राहुल विक्रम के नेतृत्व में स्पेशल सेल ने कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है. हाल ही में झारखंड से जुड़े अलकायदा मॉड्यूल का पर्दाफाश करना उनकी टीम की एक बड़ी कामयाबी मानी जाती है. उन्होंने न केवल भारत में छिपे अपराधियों को पकड़ा, बल्कि सात समंदर पार बैठे गैंगस्टरों को भी घसीटकर भारत लाए.
चर्चित मामलों में सक्रिय भूमिका में रहे ACP राहुल विक्रम
- सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस: इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड सचिन थापन को विदेश से भारत लाने में राहुल विक्रम की टीम ने अहम भूमिका निभाई.
- थाईलैंड से गिरफ्तारी: लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गैंगस्टर काला राणा को थाईलैंड से गिरफ्तार कर भारत लाना.
- काला जठेड़ी की गिरफ्तारी: 7 लाख के इनामी गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी और उसकी साथी अनुराधा को पकड़ने में भी वह शामिल थे.
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