देश की राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. दिल्ली के आउटर जिले के पश्चिम विहार ईस्ट इलाके से एक बेहद ही शर्मनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यहां एक पार्क में शाम के वक्त वॉक करने गई महिला के सामने एक लड़के ने जानबूझकर अश्लील हरकत (मास्टरबेट) करना शुरू कर दिया. जब महिला ने इस बेहद घटिया करतूत का विरोध किया, तो आरोपी लड़के डरा नहीं, बल्कि उसने महिला के साथ बदतमीजी की और उसे सरेआम गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया.
ADVERTISEMENT
चीख-पुकार सुनकर दौड़े लोग, आरोपी को दबोचा
अचानक हुई इस घटना से महिला बेहद डर गई और घबरा गई, जिसके बाद उसने खुद को संभालने के लिए शोर मचाना शुरू किया. महिला की चीख-पुकार और शोर सुनकर पार्क व आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए. लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए भागने की कोशिश कर रहे उस लड़के को मौके पर ही धर दबोचा.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे घटना के तुरंत बाद के वीडियो में देखा जा सकता है कि पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोग लड़के का चेहरा कैमरे के सामने लाने को कह रहे हैं और गुस्से में उसे थप्पड़ मारते हुए भी नजर आ रहे हैं. इसके बाद इस पूरी घटना की लिखित शिकायत पुलिस को दी गई.
थाने के बाहर तगड़ा बवाल, पुलिस पर पीड़ित को परेशान करने का आरोप
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी को पुलिस के हवाले करने के बाद खुद पीड़ित महिला को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ा. घटना के बाद पीड़ित महिला का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह दिल्ली पुलिस के रवैये पर तीखे सवाल उठा रही है और थाने के बाहर खड़े होकर अपना गुस्सा जाहिर कर रही है.
महिला का आरोप है कि पुलिस इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और उनकी सहेली को लगातार परेशान कर रही है. महिला के मुताबिक, शिकायत दर्ज कराने के बाद वे लोग रात के करीब 3:00 बजे अपने घर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें कानूनी प्रक्रिया के नाम पर सुबह से लगातार थाने के चक्कर कटवाए जा रहे हैं.
जुवेनाइल केस का हवाला देकर एफआईआर की कॉपी देने से इनकार
पीड़ित महिला ने जांच अधिकारी विजेंद्र कुमार और जुवेनाइल ऑफिसर एसआई चंदन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का कहना है कि जब वह सुबह अपने कानूनी अधिकार के तहत शिकायत की डीडी (Daily Diary) नंबर और कॉपी लेने थाने पहुंची, तो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गोल-गोल घुमाना शुरू कर दिया. कभी आईओ कहते कि कॉपी जुवेनाइल ऑफिसर से मिलेगी, तो कभी जुवेनाइल ऑफिसर उन्हें आईओ के पास भेज देते.
महिला का आरोप है कि आखिरकार जांच अधिकारी विजेंद्र कुमार ने उन्हें साफ मना कर दिया कि यह मामला एक नाबालिग (जुवेनाइल) से जुड़ा है, इसलिए वे शिकायत की कॉपी नहीं दे सकते और सीधे कोर्ट में ही कॉपी मिलेगी। पुलिस के इस मिसकंडक्ट और दुर्व्यवहार के खिलाफ पीड़िता ने 112 नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई है.
मामला रफा-दफा करने और समझौता कराने का दबाव
महिला ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की नीयत पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस इस पूरे मामले को रफा-दफा करना चाहती है. उनके मुताबिक, जुवेनाइल ऑफिसर द्वारा उन्हें परोक्ष रूप से डराने-धमकाने की भी कोशिश की गई, ताकि वे आरोपी पक्ष के साथ समझौता कर लें. इसके अलावा, पुलिस अधिकारियों ने उन पर यह भी आरोप मढ़ने की कोशिश की कि उन्होंने आरोपी लड़के का वीडियो लीक कर दिया है, जो कि एक अपराध है.
महिला ने वीडियो में कहा कि पुलिस सुरक्षा देने के बजाय पीड़ित को ही डराने में जुटी है ताकि मामले को बंद किया जा सके. महिला ने यह भी बताया कि जब यह सारा तमाशा हो रहा था, तब थाने के एसएचओ अनिल कुमार यादव सिविल ड्रेस में वहीं घूम रहे थे, लेकिन उन्होंने भी अपने मातहतों को कॉपी देने के निर्देश नहीं दिए और मूकदर्शक बने रहे. वीडियो के अंत में महिला ने बेहद हताश होकर दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली की कड़े शब्दों में निंदा की. इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अब यह देखना बाकी है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं.
ADVERTISEMENT


