देश के युवाओं और छात्रों के आंदोलन के बाद बने दबाव के बाद आखिरकार इनकी पहली और सबसे बड़ी मांग मान ली गई है. इसे "लोकतंत्र की एक बड़ी और ऐतिहासिक जीत" करार देते हुए सोनम वांगचुक ने इसपर पहली प्रतिक्रिया दी है. सोशल मीडिया X पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनम वांगचुक ने CJP और देश की Gen Z को बधाई दी.सोनम वांगचुक ने आगे कहा- 'उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज़ उठाई.''
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सोनम वांगचुक ने लोकतंत्र की जीत करार देते हुए ये भी लिखा कि- ''सीधा लोकतंत्र... जो सड़कों से निकला है.'' यानी ये वो लोकतंत्र है जो अपनी मांगों के लिए सड़कों पर लिकलता है. सोनम वांगचुक ने इसे शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत बताया है.
ध्यान देने वाली बात है कि जंतर मंतर पर पिछले एक महीने से ज्यादा दिनों से चल रहे धरना प्रदर्शन में शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आमरण अनशन शुरू कर दिया. अनिश्चित कालीन धरने में तब एक मोड़ आया जब सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में जबरन शिफ्ट कर दिया गया. इधर 20 जुलाई को पुलिस ने छात्रों के खिलाफ एक्शन ले लिया और लाठी चार्ज में कई छात्र घायल हुए. दोनों तरफ से हुई झड़पों में कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं. इधर सोनम वांगचुक को मेदांता हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया. सोनम वांगचुक ने 23 जुलाई की देर रात (24 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि) को 26 दिन लंबे अनशन को समाप्त किया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अस्पताल में उनसे मुलाकात की और सरकार की ओर से लिखित आश्वासन दिया.
इन मांगों के साथ सोनम वांगचुक ने तोड़ा था अनशन
सरकार ने लिखित में आश्वासन दिया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल रहे छात्रों या कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई दंडात्मक पुलिस केस (FIR) दर्ज नहीं किया जाएगा. दूसरी मांग के अनुसार संसद के आगामी सत्र में परीक्षा धांधली, NTA के कामकाज और शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों पर विस्तृत चर्चा कराए जाने की बात सरकार ने मान ली. तीसरी मांग जिसपर परीक्षा में अनियमितताओं और तनाव के चलते जान गंवाने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को वित्तीय सहायता/मुआवजे पर सरकार सकारात्मक विचार करेगी.
CJP Protest LIVE Updates: जंतर मंतर और देशभर में चल रहे प्रोटेस्ट को लेकर सामने आई बड़ी खबर
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