DU साउथ कैंपस के हॉस्टल में मिला 'कॉकरोच वाला खाना'! छात्र बीमार, कैंपस में जमकर हंगामा

Cockroach in Food: दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस हॉस्टल में खाने में कॉकरोच, कीड़े और तंबाकू मिलने का मामला सामने आने के बाद छात्रों ने जोरदार हंगामा किया. कई छात्र फूड पॉइजनिंग और उल्टी की शिकायत के बाद बीमार पड़ गए. DU हॉस्टल प्रशासन पर छात्रों को धमकाने और घटिया खाना परोसने के आरोप लगे हैं. जानिए विवाद की पूरी कहानी.

Delhi University Viral News
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न्यूज तक डेस्क

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दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस स्थित हॉस्टल से एक बेहद हैरान करने वाला और गंभीर मामला सामने आया है. यहां रहने वाले छात्रों ने मेस में परोसे जा रहे खाने की क्वालिटी को लेकर भारी नाराजगी जताई है. छात्रों का आरोप है कि उन्हें बेहद घटिया और अनहाइजेनिक खाना परोसा जा रहा है, जिसे खाकर कई छात्र बीमार पड़ चुके हैं. इस अव्यवस्था के खिलाफ छात्रों ने हॉस्टल परिसर में जमकर हंगामा और विरोध-प्रदर्शन किया, जिसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के अध्यक्ष को भी हस्तक्षेप करने के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा.

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खाने में मिल रहे कॉकरोच, कीड़े और तंबाकू का जर्दा

हॉस्टल के छात्रों ने मेस के खाने को लेकर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. छात्रों का कहना है कि मेस में मिलने वाले खाने में कभी कॉकरोच तो कभी कीड़े निकल रहे हैं. हद तो तब हो गई जब छात्रों ने आरोप लगाया कि सुबह परोसे गए डोसे के अंदर तंबाकू का जर्दा तक पाया गया है. जब छात्र संघ के अध्यक्ष और छात्रों ने रसोई (मेस) का औचक निरीक्षण (इंस्पेक्शन) किया, तो वहां की हकीकत बेहद डरावनी थी. 

रसोई में अगले दिन बनने वाली सब्जियों को पहले से ही काटकर खुले में छोड़ दिया गया था, जिससे उनमें कीड़े लगने का पूरा डर था. इसके अलावा मेस में रखे आलू के तीन पैकेट पूरी तरह सड़ चुके थे, जिनसे भयंकर बदबू आ रही थी. छात्रों के मुताबिक इसी सड़े हुए सामान से उन्हें खाना बनाकर परोसा जाता है.

कई छात्र पड़े बीमार, प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप

दिल्ली में पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव के बीच इस तरह का दूषित और अनहाइजेनिक खाना खाने से छात्र लगातार बीमार हो रहे हैं. छात्रों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में कम से कम 8 से 10 छात्रों को फूड पॉइजनिंग, गैस, उल्टी और कोलेस्ट्रॉल जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है. एक छात्र ने बताया कि सुबह ही एक छात्र को दो बार उल्टियां हुईं, जिसके बाद उसकी तबीयत काफी बिगड़ गई. 

छात्रों का आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में हॉस्टल प्रशासन और प्रोवोस्ट सर से शिकायत की, तो उन्होंने बेहद संवेदनहीन रवैया अपनाया. प्रशासन की तरफ से कथित तौर पर यह तक कह दिया गया कि 'अभी तो सिर्फ दो ही छात्र बीमार हुए हैं.' छात्रों ने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन बाकी छात्रों के भी गंभीर रूप से बीमार होने का इंतजार कर रहा है?

आवाज उठाने पर हॉस्टल से निकालने की धमकी

छात्रों ने हॉस्टल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी कोई इस घटिया खाने के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे डराया-धमकाया जाता है. एक पीड़ित छात्र ने बताया कि शिकायत करने पर अधिकारी सबसे पहले छात्र का डिपार्टमेंट पूछते हैं. छात्रों के मुताबिक, प्रशासन की तरफ से उन्हें धमकी देते हुए कहा गया कि आगामी 6 जून को उनके एग्जाम खत्म होने के बाद वे हॉस्टल छोड़कर अपने रहने की व्यवस्था कहीं और कर लें. छात्रों का कहना है कि जो भी इस अव्यवस्था के खिलाफ बोलता है, उसे हॉस्टल से बाहर निकालने की धमकी देकर चुप कराने की कोशिश की जाती है.

इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और दीवारों से गिरता प्लास्टर

छात्र संघ के अध्यक्ष आर्यन ने जब पूरे हॉस्टल का निरीक्षण किया, तो केवल खाने की ही नहीं बल्कि रहने की व्यवस्था में भी भारी कमियां पाई गईं. हॉस्टल के कमरों की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है और दीवारों से प्लास्टर व हिस्से टूटकर गिर रहे हैं. हॉस्टल में बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी देखी गई है. छात्र संघ अध्यक्ष ने रोष जताते हुए कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के हॉस्टल्स में देश के कोने-कोने से टॉप करने वाले छात्र पढ़ने और रहने आते हैं. अगर देश के इतने प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के हॉस्टल में छात्रों को ऐसा खाना और माहौल मिलेगा, तो वे अपनी सेहत का ख्याल कैसे रखेंगे और परीक्षाओं की तैयारी कैसे करेंगे.

अल्टीमेटम के बाद बैकफुट पर आया प्रशासन

छात्रों के भारी हंगामे और डूसू अध्यक्ष की मौजूदगी में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद हॉस्टल प्रशासन को झुकना पड़ा. छात्र संघ की ओर से प्रशासन को एक आधिकारिक मेमोरेंडम सौंपा गया. इसके बाद वार्डन और प्रोवोस्ट ने छात्रों की मांगों को स्वीकार करते हुए एक अनोखा फैसला लिया है. प्रशासन ने लिखित सहमति दी है कि अगले एक महीने तक, जब तक छात्रों के एग्जाम चल रहे हैं, हॉस्टल के वार्डन और प्रोवोस्ट स्वयं छात्रों के साथ बैठकर मेस का वही खाना खाएंगे. 

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि यदि इस अवधि के दौरान खाने में किसी भी प्रकार की गंदगी या कमी पाई जाती है, तो वे तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देंगे. फिलहाल छात्रों ने साफ कर दिया है कि वे इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और अपने हक व सेहत के लिए आगे भी आवाज बुलंद करते रहेंगे.

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