दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव का बिगुल बजते ही छात्र राजनीति का पारा चढ़ने लगा है. हालांकि चुनाव दिल्ली यूनिवर्सिटी परिसर में हो रहे हैं, लेकिन इसकी गरमाहट और राजनीतिक हलचल दक्षिण हरियाणा, खासकर गुरुग्राम में साफ तौर पर देखी जा रही है. डूसू चुनाव में एनएसयूआई (NSUI) से अध्यक्ष पद के लिए अपनी मजबूत दावेदारी ठोक रहे विशेष यादव के समर्थन में 100 से भी अधिक गांवों की 36 बिरादरी की एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया.
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100 से अधिक गांवों की महापंचायत और 36 बिरादरी का समर्थन
गुरुग्राम में आयोजित इस महापंचायत में 72 से लेकर 100 से अधिक गांवों के बुजुर्ग, युवा और समाज के गणमान्य लोग शामिल हुए. महापंचायत में मौजूद क्षेत्र के मौजिज लोगों ने एक सुर में विशेष यादव के नाम पर अपनी सहमति की मुहर लगाई. समर्थकों और सामाजिक प्रतिनिधियों का कहना है कि विशेष यादव लंबे समय से छात्रों के मुद्दों को लेकर धरातल पर काम कर रहे हैं. ऐसे में पूरा क्षेत्र एकजुट होकर उनके साथ खड़ा है और कांग्रेस तथा एनएसयूआई शीर्ष नेतृत्व से उन्हें अध्यक्ष पद का टिकट देने की मांग कर रहा है.
'दिल्ली से सिर्फ हवा मिलती है, मजबूती जड़ से आती है' - विशेष यादव
महापंचायत में मिले अपार जनसमर्थन के बाद विशेष यादव ने अपने क्षेत्र और समाज के लोगों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में चुनाव भले ही दिल्ली में लड़ा जाता है, लेकिन असली मजबूती और हौसला घर, गांव और अपने क्षेत्र की जड़ों से ही मिलता है. विशेष यादव ने बताया कि उन्होंने पिछले दो सालों तक संगठन के लिए जी तोड़ मेहनत की है. उन्हें पूरी उम्मीद है कि एनएसयूआई संगठन उनकी मेहनत और समाज के इस विशाल समर्थन को ध्यान में रखते हुए उन्हें टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारेगा.
डीयू कैंपस की बदहाली और नशे के खिलाफ उठाई आवाज
दिल्ली विश्वविद्यालय के वर्तमान हालात पर बात करते हुए विशेष यादव ने विश्वविद्यालय प्रशासन और सत्ताधारी छात्र संगठन पर तीखे हमले बोले. उन्होंने कहा कि आज डीयू के भीतर बुनियादी सुविधाओं का बुरा हाल है, मानसून की पहली ही बारिश में कॉलेज पानी से लबालब भर जाते हैं और छतों के गिरने का खतरा बना रहता है. पीने के साफ पानी से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर और योग्य प्रोफेसरों की भारी कमी है. विशेष यादव ने आरोप लगाया कि कैंपस के अंदर सूखा नशा तेजी से फैल रहा है, जहां पढ़ाई के लिए पेन भले न मिले लेकिन नशा आसानी से उपलब्ध हो जाता है, जिसके खिलाफ वे लगातार संघर्ष कर रहे हैं.
वर्धन यादव का दावा और दीपेंद्र हुड्डा से मुलाकात का फैसला
छात्र राजनीति से उभरे नेता वर्धन यादव ने महापंचायत में कहा कि अपने 17 साल के राजनीतिक जीवन में उन्होंने पहली बार देखा है कि डीयू चुनाव में किसी एक छात्र के लिए पूरा 36 बिरादरी का समाज इस तरह एक साथ खड़ा हुआ है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे एनएसयूआई और कांग्रेस पार्टी से विशेष यादव को किसी अन्य पद के बजाय केवल अध्यक्ष पद का टिकट देने का आग्रह कर रहे हैं. इस सिलसिले में महापंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल हरियाणा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा से मुलाकात करने जा रहा है ताकि इस जनसमर्थन के आधार पर विशेष यादव की उम्मीदवारी को पक्का कराया जा सके.
2029 की राष्ट्रीय राजनीति और युवाओं का रुख
महापंचायत में जुटे वक्ताओं का मानना है कि इस बार का दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है. छात्रों और युवाओं का यह फैसला केवल यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की भावी राजनीति की दिशा भी तय करेगा. समर्थकों ने भरोसा जताया कि जिस तरह से युवाओं और समाज में जोश देखा जा रहा है, उससे एनएसयूआई की जीत तय है और विशेष यादव डीयू अध्यक्ष बनकर छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाएंगे.
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