भारत ने ईंधन के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने देश में 100 फीसदी इथेनॉल यानी E100 फ्यूल के व्यावसायिक और कानूनी इस्तेमाल को हरी झंडी दे दी है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइल को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद अब देश में सिर्फ और सिर्फ शुद्ध इथेनॉल से चलने वाले वाहनों का रास्ता साफ हो गया है. इससे पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों और कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता काफी कम हो जाएगी.
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वैश्विक तनाव के बीच भारत का मास्टरस्ट्रोक
दुनिया भर में, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई पर लगातार दबाव बना हुआ है. ऐसे समय में भारत का यह फैसला देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने वाला है. भारत पहले ही तय समय से काफी पहले पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने (ब्लेंडिंग) का लक्ष्य हासिल कर चुका है. सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, इस कदम से देश को कच्चे तेल के आयात में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की भारी बचत हुई है. इसी कामयाबी को देखते हुए अब सरकार पूरे देश के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को 100% इथेनॉल पर ले जाने की तैयारी कर रही है.
'लोग हंसते थे, पर सपना सच हुआ' - गडकरी
नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले की जानकारी साझा की. उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि उन्होंने रात को इस फाइल पर हस्ताक्षर कर E100 के कानूनी उपयोग को हरी झंडी दी है. गडकरी ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने पहले इस प्रोजेक्ट की बात की थी, तो लोग इस विचार का मजाक उड़ाते थे. इसे रोकने के लिए कई तरह के नकारात्मक अभियान भी चलाए गए, लेकिन आखिरकार यह सपना अब जमीन पर सच साबित हो रहा है.
अगले दो महीनों में सड़कों पर दिखेंगे नए वाहन
इस फैसले के बाद देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी हलचल तेज हो गई है. मारुति सुजुकी, टोयोटा, हुंडई, एमजी और हीरो मोटोकॉर्प जैसी बड़ी कंपनियां पूरी तरह से इथेनॉल पर चलने वाली गाड़ियां बाजार में उतारने के लिए तैयार हैं.
हाल ही में मारुति की वैगनआर और हीरो की स्प्लेंडर व एचएफ डिलक्स के फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल पेश किए जा चुके हैं. नितिन गडकरी के अनुसार, अगले डेढ़ से दो महीनों के भीतर ये सभी कंपनियां अपनी नई गाड़ियां लॉन्च कर देंगी.
2027 तक खुलेंगे 5000 स्पेशल इथेनॉल पंप
गाड़ियों के साथ-साथ सरकार बुनियादी ढांचे पर भी तेजी से काम कर रही है. देश के बड़े शहरों में विशेष इथेनॉल पंप खोलने की शुरुआत हो चुकी है. सरकार का लक्ष्य है कि साल 2027 तक पूरे देश में ऐसे 5,000 विशेष पंपों का नेटवर्क तैयार कर दिया जाए, ताकि आम जनता को ईंधन की कोई कमी न हो.
किसानों और देश को होगा सीधा फायदा
भारत हर साल विदेशों से कच्चा तेल खरीदने के लिए भारी-भरकम रकम खर्च करता है. E100 ईंधन के आने से न सिर्फ विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि देश के किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा. इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अनाज के अवशेषों से बनता है, जिससे किसानों की आमदनी में बड़ा इजाफा होगा. साथ ही, यह पर्यावरण के लिए भी बेहद अनुकूल है, जिससे शहरों में प्रदूषण की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी.
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