वीरेंद्र सचदेवा की जगह हर्ष मल्होत्रा क्यों बने दिल्ली बीजेपी के नए अध्यक्ष? जानिए पूरी बात

Delhi BJP President: दिल्ली बीजेपी के नए अध्यक्ष बने हर्ष मल्होत्रा को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं. जानिए आखिर वीरेंद्र सचदेवा की जगह बीजेपी आलाकमान ने हर्ष मल्होत्रा पर क्यों जताया भरोसा, क्या है पंजाबी कार्ड की रणनीति, 2027 पंजाब चुनाव से इसका क्या कनेक्शन है और कैसे पार्षद से केंद्रीय मंत्री तक पहुंचा उनका राजनीतिक सफर.

Delhi BJP President Harsh Malhotra
Delhi BJP President Harsh Malhotra

दिनेश यादव

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दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के अगले अध्यक्ष को लेकर चल रहा लंबा इंतजार और सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है. बीजेपी आलाकमान ने दिल्ली बीजेपी के नए अध्यक्ष के नाम का एलान कर दिया है. पूर्वी दिल्ली से सांसद और मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली बीजेपी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. वे वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल पूरा हो चुका था. बीजेपी ने आज दिल्ली समेत देश के चार राज्यों में अपने अध्यक्ष बदले हैं, जिसमें दिल्ली की कमान हर्ष मल्होत्रा को सौंपने का बड़ा फैसला लिया गया है.

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वीरेंद्र सचदेवा को दोबारा कार्यकाल मिलने की चर्चाओं पर लगा विराम

दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष पद की रेस में कई बड़े नाम शामिल थे. इस रेस में पूर्व मेयर जयप्रकाश, एनडीएमसी के वाइस चेयरपर्सन कुलजीत चहल और राजीव बब्बर के साथ-साथ हर्ष मल्होत्रा का नाम प्रमुखता से चल रहा था. इसके अलावा राजनीतिक गलियारों में एक चर्चा यह भी थी कि वीरेंद्र सचदेवा को इनाम के तौर पर एक और कार्यकाल दिया जा सकता है. 

वीरेंद्र सचदेवा की ही अगुवाई में बीजेपी ने दिल्ली में शानदार प्रदर्शन करते हुए अरविंद केजरीवाल का किला ढहाया था और करीब 27 साल के बाद दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनाने में कामयाबी हासिल की थी. माना जा रहा था कि इस ऐतिहासिक जीत के तोहफे के रूप में सचदेवा को दोबारा मौका मिल सकता है, लेकिन आलाकमान ने नए चेहरे के रूप में हर्ष मल्होत्रा पर दांव खेलना बेहतर समझा.

अध्यक्ष बनते ही हर्ष मल्होत्रा ने जताया शीर्ष नेतृत्व का आभार

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा दिल्ली बीजेपी के नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति किए जाने के बाद हर्ष मल्होत्रा का पहला रिएक्शन भी सामने आ गया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया है. हर्ष मल्होत्रा ने लिखा कि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष के रूप में मिली इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए वे माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं. उन्होंने आगे लिखा कि यह दायित्व उनके लिए संगठन और जनसेवा के प्रति और अधिक समर्पण तथा प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा है. वे पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा दिल्ली के विकास एवं जन कल्याण के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य करते रहेंगे.

पार्षद से केंद्रीय मंत्री और अब प्रदेश अध्यक्ष तक का सियासी सफर

दिल्ली बीजेपी के सक्रिय नेताओं में गिने जाने वाले हर्ष मल्होत्रा का राजनीतिक सफर बेहद लंबा और जमीनी स्तर का रहा है. उन्होंने अपने इलाके में पार्षद के स्तर से उठकर सांसद और केंद्रीय मंत्री बनने तक का सफर तय किया है. हर्ष मल्होत्रा ने साल 1984 में दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद उन्होंने लॉ (कानून) की डिग्री भी हासिल की. उनके राजनीतिक करियर की बात करें तो साल 2012 में उन्होंने पूर्वी दिल्ली की वेलकम कॉलोनी से पार्षद का चुनाव जीता था. इसके बाद वे पूर्वी दिल्ली नगर निगम के मेयर भी चुने गए. पूर्वी दिल्ली के इलाके में और वहां की जनता के बीच उनकी बहुत मजबूत पकड़ मानी जाती है.

लोकसभा चुनाव में जीत के बाद बढ़ा कद

साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी आलाकमान ने हर्ष मल्होत्रा पर भरोसा जताते हुए उन्हें पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा था. इस चुनाव में उन्होंने शानदार जीत दर्ज की और पहली बार सांसद बनकर संसद पहुंचे. लोकसभा चुनाव जीतने के बाद हर्ष मल्होत्रा का कद पार्टी में और बढ़ गया, जब उन्हें मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल किया गया. वर्तमान में हर्ष मल्होत्रा मोदी सरकार में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. सांसद और केंद्रीय मंत्री बनने के बाद अब उन्हें दिल्ली में संगठन को मजबूत करने की यह सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है.

आखिर हर्ष मल्होत्रा ही क्यों बने आलाकमान की पसंद?

हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली बीजेपी की कमान सौंपे जाने के पीछे उनका लंबा सियासी अनुभव, बेदाग छवि और सबसे बढ़कर उनका 'पंजाबी चेहरा' होना है. निवर्तमान अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी पंजाबी समुदाय से आते हैं और हर्ष मल्होत्रा भी एक पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखते हैं. यानी बीजेपी ने दिल्ली में एक बार फिर पंजाबी चेहरे पर ही दांव खेला है. 

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस फैसले के पीछे एक बड़ी रणनीति छिपी है. साल 2027 में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. दिल्ली में एक पंजाबी चेहरे को संगठन की इतनी बड़ी कमान सौंपकर बीजेपी ने पंजाब के चुनावों के लिए एक बड़ी राजनीतिक मैसेजिंग की है, जिसका सीधा फायदा बीजेपी को पंजाब विधानसभा चुनाव में मिल सकता है. यही वजह रही कि वे रेस में शामिल बाकी नेताओं को पछाड़कर सबसे आगे निकल गए.

आने वाले समय में हर्ष मल्होत्रा का होगा 'अग्निपरीक्षा'

हर्ष मल्होत्रा को ऐसे समय में दिल्ली बीजेपी के संगठन की कमान सौंपी गई है जब आने वाले समय में चुनौतियां बेहद बड़ी हैं. अगले साल यानी 2027 में दिल्ली में MCD के चुनाव होने वाले हैं. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष के रूप में हर्ष मल्होत्रा का असली और पहला टेस्ट इसी एमसीडी चुनाव में होगा. अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या हर्ष मल्होत्रा अपने संगठनात्मक कौशल और राजनीतिक अनुभव के दम पर दिल्ली एमसीडी चुनाव में बीजेपी को एक बड़ी जीत दिला पाते हैं या नहीं.

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