राजधानी दिल्ली का बेहद पॉश और सुरक्षित माना जाने वाला इलाका 'कैलाश हिल्स' इन दिनों गहरे सदमे और आक्रोश में है. यहां एक आईआरएस (IRS) अधिकारी की 22 वर्षीय होनहार बेटी की उसके ही पूर्व नौकर ने घर में घुसकर निर्मम हत्या कर दी. वारदात से पहले युवती के साथ दुष्कर्म की बात भी सामने आई है. इस घटना ने जहां सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, वहीं कॉलोनी में रहने वाले लोग अब अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
ADVERTISEMENT
'हमारी अपनी बेटी जैसी थी वो', सिसक उठा पूरा इलाका
कैलाश हिल्स सोसाइटी के लोगों का कहना है कि मृतक युवती बेहद टैलेंटेड और मिलनसार थी. इंजीनियरिंग करने के बाद वह बड़ी लगन से यूपीएससी (UPSC) की तैयारी कर रही थी. पड़ोसियों ने नम आंखों से बताया कि वह इलाके के हर फंक्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी. सोसाइटी के एक पदाधिकारी ने कहा, 'वह सिर्फ उस घर की नहीं, हम सबकी बेटी जैसी थी. उसे इस तरह खो देना हमारे लिए एक गहरा व्यक्तिगत सदमा है.'
सुरक्षा के बड़े दावों के बीच 'इनसाइडर' का खौफ
इलाके के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और सीनियर सिटीजन्स ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि करोड़ों की कोठियों और गेटेड सिक्योरिटी के बावजूद अगर घर का पूर्व नौकर इस तरह वारदात को अंजाम दे सकता है, तो सुरक्षा के सारे इंतजाम विफल हैं. एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि आरोपी राहुल मीणा को घर की चाबियों और परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी, जिसका उसने फायदा उठाया. उन्होंने चेतावनी दी कि अब हर घर को अपनी सुरक्षा के लिए मैजिक-आई, सेफ्टी चैन और अलार्म जैसे आधुनिक इंतजाम खुद करने होंगे.
'विकृत मानसिकता वाले को मिले फांसी', लोगों का फूटा गुस्सा
घटना के बाद से पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे लोगों में आरोपी के खिलाफ भारी नाराजगी है. स्थानीय निवासियों ने इसे 'विकृत मानसिकता' का परिणाम बताते हुए आरोपी के लिए 'कैपिटल पनिशमेंट' यानी सीधे फांसी की सजा की मांग की है. लोगों का कहना है कि ऐसे अपराधियों के मन में कानून का ऐसा खौफ होना चाहिए कि वे दोबारा ऐसी वारदात करने की सोच भी न सकें. कॉलोनी के जनरल सेक्रेटरी ने कहा कि यह पूरी तरह से मानवीय संवेदनाओं की हत्या है.
पुलिस जांच और नौकर का पुराना रिकॉर्ड
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी राहुल मीणा जुए का आदी था और उस पर काफी कर्ज था, जिसके कारण उसे कुछ समय पहले ही नौकरी से हटाया गया था. वह राजस्थान में भी एक अपराध को अंजाम देकर दिल्ली आया था. पड़ोसियों का मानना है कि यदि आरोपी के नौकरी से हटने की जानकारी सोसाइटी के गार्ड्स और पड़ोसियों को पहले से होती, तो शायद उसे संदिग्ध अवस्था में घर में घुसते वक्त रोका जा सकता था.
ADVERTISEMENT


