दिल्ली जलबोर्ड के CEO को क्यों हटाया गया? कौन लेंगे उनकी जगह, जानें सबकुछ

प्रधानमंत्री मोदी के भरोसेमंद और पूर्व वाराणसी डीएम कौशल राज शर्मा को दिल्ली के उपराज्यपाल का नया सचिव नियुक्त किया गया है. दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ पद से उनकी यह नई तैनाती दिल्ली के प्रशासनिक और राजनीतिक तालमेल को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.

दिल्ली जलबोर्ड
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वैशाली

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दिल्ली की प्रशासनिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कौशल राज शर्मा को अब एक नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. 2006 बैच के तेजतर्रार आईएएस अधिकारी कौशल राज शर्मा को दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरजीत सिंह संधू का नया सचिव नियुक्त किया गया है.

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PM मोदी के पसंदीदा अफसरों में शुमार

कौशल राज शर्मा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेहद करीबी और भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है. यही कारण है कि पिछले साल जब दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी, तो उन्हें विशेष तौर पर उत्तर प्रदेश कैडर से दिल्ली प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर बुलाया गया था. उनकी कार्यशैली शांत लेकिन अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है.

वाराणसी से राजनिवास तक का सफर

उत्तर प्रदेश कैडर के 2006 बैच के आईएएस अधिकारी कौशल राज शर्मा का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है. वे कानपुर, प्रयागराज और प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जिलाधिकारी (DM) के पद पर लंबे समय तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं. वाराणसी में उन्होंने डीएम के बाद कमिश्नर के रूप में भी बेहतरीन कार्य किया. उनकी प्रशासनिक कुशलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें 'पीएम एक्सीलेंस अवार्ड' से सम्मानित किया था. इसके अलावा, 2020 में उन्हें देश के 50 सर्वश्रेष्ठ आईएएस अफसरों की सूची में भी स्थान मिला था.

नई नियुक्ति के मायने

दिल्ली सरकार के सेवा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कौशल राज शर्मा अब सीधे उपराज्यपाल के साथ समन्वय स्थापित करेंगे. जानकारों का मानना है कि उनकी इस नियुक्ति से राजनिवास और केंद्र सरकार के बीच तालमेल और भी मजबूत होगा. टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में एमटेक करने वाले कौशल राज शर्मा मूल रूप से हरियाणा के भिवानी के रहने वाले हैं और उन्होंने यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सचिव के रूप में भी अपनी क्षमता साबित की है.

अब देखना होगा कि दिल्ली जल बोर्ड के चुनौतीपूर्ण पद से निकलकर उपराज्यपाल के सचिव के तौर पर वे दिल्ली के प्रशासन में क्या नए बदलाव और गति लाते हैं.

 

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