राघव चड्ढा की तारीफ या आम आदमी पार्टी में सेंध? मनोहर लाल खट्टर बोले- AAP में किसी दूसरे नेता को बर्दाश्त नहीं किया जाता

बीजेपी नेता मनोहर लाल खट्टर ने राघव चड्ढा को एक कुशल सांसद बताते हुए उनकी तारीफ की है, साथ ही आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां दूसरे नेताओं के विचारों को बर्दाश्त नहीं किया जाता. खट्टर ने AAP की कार्यशैली को लोकतंत्र के विपरीत बताया है.

खट्टर
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न्यूज तक डेस्क

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आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के एक ताजा बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है. खट्टर ने जहां एक ओर राघव चड्ढा की प्रशंसा की, वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही कथित खींचतान और 'एक व्यक्ति के शासन' पर तीखा प्रहार किया है.

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राघव चड्ढा को बताया 'अच्छा सांसद'

मनोहर लाल खट्टर ने राघव चड्ढा के बारे में बात करते हुए कहा कि वह एक बेहतरीन सांसद हैं और संसद में जनता के विषयों को बहुत ही प्रभावी ढंग से रखते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वैचारिक भिन्नता और विरोध करना सभी पार्टियों का अधिकार है और वे उनकी बातों का जवाब भी देते हैं, लेकिन एक सांसद के तौर पर उनकी कार्यशैली की सराहना की.

AAP में लोकतंत्र की कमी का आरोप

आम आदमी पार्टी में राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने और उनके 'सैलाब बनकर आऊंगा' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खट्टर ने कहा कि यह उनका अंदरूनी मामला है. हालांकि, उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ पार्टियों में आंतरिक लोकतंत्र की भारी कमी है. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जैसी पार्टियों में केवल एक व्यक्ति की ही चलती है और यदि कोई दूसरा नेता अपनी राय रखता है, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाता.

नेताओं के पार्टी छोड़ने पर साधा निशाना

खट्टर ने कहा कि दिल्ली और पंजाब में सत्ता होने के बावजूद, आम आदमी पार्टी के कई नेता धीरे-धीरे साथ छोड़ रहे हैं. उनके अनुसार, पार्टी में जब एक व्यक्ति के अतिरिक्त किसी अन्य के विचार को जगह नहीं मिलती, तो वहां नेताओं का टिकना मुश्किल हो जाता है. उन्होंने जोर दिया कि पार्टियों में सबको अपनी बात कहने का अधिकार होना चाहिए, जो वर्तमान में AAP में नहीं दिख रहा है. 

 

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