दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में स्थित मशहूर कतरन मार्केट में मंगलवार को MCD का बुलडोजर चला. अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई का स्थानीय व्यापारियों ने कड़ा विरोध किया. इस दौरान बाजार में भारी हंगामा देखने को मिला और व्यापारियों की पुलिस प्रशासन के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई. व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के यह कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला.
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बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप और व्यापारियों का आक्रोश
बाजार के व्यापारियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर गहरा रोष व्यक्त किया है. मौके पर मौजूद एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया और अचानक आकर तोड़फोड़ शुरू कर दी. व्यापारियों का कहना है कि वे बीते 40 वर्षों से यहां अपना काम कर रहे हैं और मर्यादा के भीतर रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बदसलूकी का भी आरोप लगाया. एक व्यापारी ने अपनी चोट दिखाते हुए दावा किया कि पुलिस के साथ हुई नोकझोंक में उन्हें चोटें आई हैं और SHO स्तर के अधिकारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया.
हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट
व्यापारियों के अनुसार, कतरन मार्केट सिर्फ एक बाजार नहीं बल्कि हजारों लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है. प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस मार्केट में लगभग 90 प्रतिशत महिलाएं काम करती हैं और अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं. व्यापारियों का दावा है कि इस बाजार से प्रत्यक्ष रूप से करीब 10,000 परिवारों का पेट भरता है, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से 1 से 2 लाख लोग इस कारोबार से जुड़े हुए हैं. अचानक हुई इस कार्रवाई से इन सभी लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है.
इलाके में अपराध बनाम अतिक्रमण की कार्रवाई
हंगामे के दौरान व्यापारियों ने प्रशासन की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगोलपुरी इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है, जहां आए दिन चाकूबाजी और गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले ही एक महिला पर हमला हुआ था, जिसका आरोपी अब भी फरार है. व्यापारियों का तर्क है कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बजाय उन शांतिप्रिय लोगों को परेशान कर रही है जो मेहनत-मजदूरी कर अपना घर चला रहे हैं.
जनप्रतिनिधियों से गुहार और आगे की रणनीति
एमसीडी की इस कार्रवाई को रोकने के लिए व्यापारियों ने स्थानीय विधायक से भी संपर्क साधा है. व्यापारियों ने बताया कि विधायक ने उन्हें आश्वासन दिया है और इस संबंध में कमिश्नर व अन्य संबंधित अधिकारियों से बात करने का भरोसा दिलाया है. फिलहाल बाजार में तनाव का माहौल बना हुआ है. व्यापारियों का कहना है कि वे प्रशासन के आगे हाथ जोड़ रहे हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. आने वाले दिनों में व्यापारी इस मुद्दे को लेकर अपनी रणनीति और तेज कर सकते हैं.
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