दिल्ली नगर निगम को अपना नया मेयर मिल गया है. तमाम राजनीतिक उठापटक और खींचतान के बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता परवेश वाही दिल्ली के नए मेयर चुन लिए गए हैं. 29 अप्रैल को हुए चुनाव में उन्होंने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की. आम आदमी पार्टी की चुनाव से दूरी और कांग्रेस उम्मीदवार की करारी हार ने परवेश वाही के लिए मेयर की कुर्सी का रास्ता बिल्कुल आसान बना दिया.
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प्रचंड बहुमत से हासिल की जीत
मेयर चुनाव के लिए हुई मतगणना में परवेश वाही ने एकतरफा जीत हासिल की है. चुनाव में कुल 165 वोट पड़े थे, जिनमें से परवेश वाही को 156 वोट मिले. उनके प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्मीदवार हाजी जाफिर को महज 9 वोटों से संतोष करना पड़ा. इस चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि आम आदमी पार्टी ने मतदान से दूरी बनाए रखी, जिससे बीजेपी की राह काफी आसान हो गई और वाही प्रचंड बहुमत के साथ दिल्ली के प्रथम नागरिक चुने गए.
चार दशक लंबा राजनीतिक अनुभव
परवेश वाही का राजनीति से नाता करीब 40 तक पुराना है. उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत 1980 के दशक में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के खंड प्रमुख के रूप में की थी. वे शुरू से ही आरएसएस और भाजपा की विचारधारा के प्रति निष्ठावान रहे हैं. साल 2004 से 2007 तक उन्होंने बीजेपी मंडल अध्यक्ष के रूप में संगठन के लिए काम किया. युवा मोर्चा से लेकर मुख्यधारा की राजनीति तक, उन्होंने संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है.
तीन बार पार्षद और प्रशासनिक अनुभव
रोहिणी ईस्ट वार्ड से पार्षद परवेश वाही की चुनावी पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है. वे अब तक तीन बार निगम पार्षद चुने जा चुके हैं. सबसे पहले उन्होंने साल 2007 में रोहिणी से जीत दर्ज की थी, इसके बाद 2012 और फिर 2022 के निगम चुनाव में जनता ने उन पर भरोसा जताया. वाही के पास केवल राजनीति ही नहीं बल्कि निगम प्रशासन का भी गहरा अनुभव है. वे उत्तर दिल्ली नगर निगम की सबसे शक्तिशाली मानी जाने वाली स्थाई समिति के चेयरमैन रह चुके हैं. इसके अलावा वे निर्माण समिति और रोहिणी जोन के चेयरमैन पद पर भी कार्य कर चुके हैं.
मेयर के साथ नई टीम तैयार
परवेश वाही के मेयर चुने जाने के साथ ही उनकी नई टीम ने भी कार्यभार संभाल लिया है. आनंद विहार से पार्षद मोनिका पंत को दिल्ली का डिप्टी मेयर चुना गया है. वहीं, बेगमपुर के पार्षद जय भगवान यादव को सदन के नेता और स्थाई समिति के सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है. एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर दिल्ली के मेयर पद तक का यह सफर परवेश वाही के धैर्य और अनुभव की जीत मानी जा रही है. अब दिल्ली की जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उनके नेतृत्व में शहर की सफाई, सड़कों की हालत और एमसीडी के रुके हुए प्रोजेक्ट्स को कितनी रफ्तार मिलती है.
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