PM मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान से मचा सियासी घमासान, चिदंबरम ने कहा- मुझे गर्व है

न्यूज तक डेस्क

• 11:06 AM • 16 Aug 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द के इस्तेमाल पर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने पलटवार किया. उन्होंने X पर लिखा कि उन्हें 'दिमागी नक्सल' होने पर गर्व है. जयराम रमेश, एमए बेबी, डी राजा और साकेत गोखले समेत विपक्षी नेताओं ने भी प्रधानमंत्री के बयान की आलोचना की.

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें 'दिमागी नक्सल' कहे जाने पर गर्व है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया था. अपने भाषण में उन्होंने समाज को गलत दिशा में ले जाने वाली ताकतों का जिक्र करते हुए 'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल किया था. इसी टिप्पणी को लेकर विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा.

चिदंबरम ने X पर दिया जवाब

पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए X पर लिखा, "I am proud to be a dimagi naxal!" यानी उन्हें 'दिमागी नक्सल' कहे जाने पर गर्व है. 

I am proud to be a dimagi naxal !

— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) August 16, 2026

चिदंबरम से पहले कांग्रेस के कई नेताओं ने भी प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर सवाल उठाए थे. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश और पवन खेड़ा समेत विपक्ष के कई नेताओं ने इस बयान की आलोचना की.

जयराम रमेश ने 'दिमागी नक्सल' का मुद्दा उठाया

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री कुछ साल पहले तक 'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल करते थे. उन्होंने दावा किया कि जब संसद में इस शब्द की परिभाषा को लेकर सवाल पूछा गया था, तब गृह मंत्री की ओर से कहा गया था कि 'दिमागी नक्सल' नाम की कोई आधिकारिक श्रेणी या परिभाषा नहीं है.

रमेश ने यह भी दावा किया कि जिन मुद्दों को पहले 'दिमागी नक्सल' विचारधारा से जोड़कर देखा जाता था, बाद में सरकार ने उन्हीं में से कुछ मांगों को स्वीकार किया. उन्होंने जाति जनगणना का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले इसे लेकर अलग रुख था, लेकिन बाद में सरकार ने जाति जनगणना कराने का फैसला लिया.

विपक्ष ने एक सुर में घेरा

प्रधानमंत्री के बयान पर CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने 'दिमागी नक्सल' टिप्पणी को गंभीर बताया.

CPI महासचिव डी राजा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर भी प्रधानमंत्री ने असहमति रखने वालों को निशाना बनाया. TMC नेता साकेत गोखले ने भी प्रधानमंत्री पर स्वतंत्रता दिवस के मंच का इस्तेमाल आलोचकों पर हमला करने के लिए करने का आरोप लगाया.

पीएम मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में कहा था कि कुछ तत्व समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं. उन्होंने ऐसे लोगों और विचारों को पहचानने की जरूरत पर जोर दिया था. इसी संदर्भ में उन्होंने 'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल किया था.