'मलाई मिली तो साथ थे, मुसीबत आई तो...', राघव चड्ढा पर सोमनाथ भारती ने कसा तंज, किए कई बड़े खुलासे!

Somnath Bharti on Raghav Chadha: सोमनाथ भारती ने राघव चड्ढा पर बड़ा हमला बोलते हुए कई चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में राघव ने अरविंद केजरीवाल और पार्टी का साथ नहीं दिया. जानिए AAP के अंदरूनी विवाद, लंदन जाने के आरोप, राज्यसभा में भूमिका और ED-CBI दबाव के दावों की पूरी कहानी.

Somnath Bharti on Raghav Chadha
सोमनाथ भारती ने राघव चड्ढा पर लगाए कई बड़े आरोप

न्यूज तक डेस्क

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आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मची रार अब खुलकर सामने आने लगी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती ने सांसद राघव चड्ढा को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. सोमनाथ भारती ने दावा किया है कि राघव चड्ढा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के चुनाव प्रभारी बनने से साफ इनकार कर दिया था. सोमनाथ भारती ने राघव चड्ढा पर पार्टी के साथ 'विश्वासघात' करने और मुसीबत के समय साथ छोड़ने का आरोप लगाया है. विस्तार से जानिए पूरी बात.

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जब पार्टी को जरूरत थी, तब कहां थे राघव?

सोमनाथ भारती ने राघव चड्ढा की चुप्पी और उनकी हालिया गतिविधियों पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि जब पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल और अन्य वरिष्ठ नेता जैसे मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और सत्येंद्र जैन जेल में थे, तब राघव चड्ढा लंदन में थे. भारती ने सवाल उठाया कि 'क्या लंदन में आंख बनवाने के दौरान उनके पास एक ट्वीट या पोस्ट करने का भी समय नहीं था?' उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब पार्टी से 'मलाई' मिल रही थी (राज्यसभा पद, जल बोर्ड की वाइस चेयरमैनशिप), तब राघव चड्ढा साथ थे, लेकिन संकट के समय उन्होंने दूरी बना ली.

'घायल हूं इसलिए घातक हूं' जैसे डायलॉग्स पर तंज

सोशल मीडिया पर राघव चड्ढा के वायरल हो रहे फिल्मी डायलॉग्स पर प्रतिक्रिया देते हुए सोमनाथ भारती ने कहा कि राघव अब एक नेता के बजाय एक्टर की तरह व्यवहार करने लगे हैं. उन्होंने कहा, 'राघव भाई के मुंह से डायलॉग आना अब स्वाभाविक हो गया है. डायलॉग्स बोलना और एक्टिंग करना अब उनके लिए नेचुरल है.' भारती ने आगे कहा कि जो व्यक्ति अपने जड़ों का वफादार नहीं होता, वह कहीं का नहीं रहता.

भाजपा और जांच एजेंसियों के दबाव का दावा

सोमनाथ भारती ने आशंका जताई कि राघव चड्ढा शायद भाजपा और उसकी जांच एजेंसियों (ED/CBI) के दबाव में आ गए हैं. उन्होंने कहा कि जब भाजपा ने 'तोता-मैना' को पीछे छोड़ा, तभी राघव चड्ढा लंदन चले गए. भारती ने यह भी उल्लेख किया कि राघव चड्ढा जल बोर्ड के वाइस चेयरमैन रह चुके हैं और उस दौरान जल बोर्ड पर ईडी की रेड भी पड़ी थी. उन्होंने सवाल किया कि सौरव भारद्वाज या अन्य नेता दबाव में क्यों नहीं आए, जबकि राघव चड्ढा ने चुप्पी साध ली.

राज्यसभा में पार्टी लाइन से हटकर बोलने का आरोप

राघव चड्ढा की राज्यसभा में भूमिका पर भी सोमनाथ भारती ने सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि राघव सदन में पार्टी के मुख्य और ज्वलंत मुद्दों (जैसे केजरीवाल की गिरफ्तारी या भाजपा द्वारा चुनाव प्रभावित करने की कोशिश) को उठाने के बजाय ऐसे मुद्दे उठाते हैं जिनसे भाजपा को कोई तकलीफ न हो. भारती ने कहा, 'समोसा 10 रुपये का है या 5 रुपये का, ऐसे मुद्दों से भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता. आंख में आंख डालकर बात तब होती है जब आप अन्याय के खिलाफ बोलते हैं.'

'केजरीवाल ने किया था सबसे ज्यादा प्यार'

सोमनाथ भारती ने याद दिलाया कि अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा पर बहुत भरोसा किया था. उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा इकलौते ऐसे नेता हैं जिनके लिए केजरीवाल ने मिड-टर्म चुनाव (राजेंद्र नगर विधानसभा) तक करवाए थे. भारती ने अफसोस जताते हुए कहा कि केजरीवाल ने प्यार और सम्मान देने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन राघव चड्ढा उसके 1% भी सही साबित नहीं हुए.

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