लाल किले से PM मोदी ने फहराया तिरंगा, राहुल-खड़गे समारोह से रहे गायब, सामने आई बड़ी वजह!

राहुल गौतम

• 01:38 PM • 15 Aug 2026

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार दूसरे साल लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं की नाराजगी सीटिंग व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर थी. 2024 में राहुल गांधी की सीट को लेकर विवाद हुआ था. सरकार ने इस साल उनकी सीट प्रोटोकॉल के अनुसार तय करने की बात कही थी.

Rahul Gandhi
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देशभर में स्वतंत्रता दिवस का जश्न पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है. इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देशवासियों को संबोधित किया. हालांकि, इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समारोह में नजर नहीं आए. दोनों लगातार दूसरे साल लाल किले के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम से दूर रहे.

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सीटिंग और प्रोटोकॉल को लेकर नाराजगी

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की गैरमौजूदगी के पीछे कार्यक्रम में बैठने की व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर नाराजगी बताई जा रही है. सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं को लगता है कि उनकी संवैधानिक और राजनीतिक स्थिति के मुताबिक व्यवस्था नहीं की गई थी.

राहुल गांधी को इस साल लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए आधिकारिक निमंत्रण दिया गया था. रक्षा मंत्रालय की ओर से पहले ही साफ किया गया था कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की सीट तय प्रोटोकॉल यानी Table of Precedence के आधार पर होगी.

राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी Warrant of Precedence के तहत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के बराबर है. इसी आधार पर राहुल गांधी की सीट तय किए जाने की बात कही गई थी.

2024 में राहुल की सीट पर हुआ था विवाद

राहुल गांधी के समारोह से दूर रहने के पीछे 2024 का सीटिंग विवाद भी अहम माना जा रहा है. उस साल स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में राहुल गांधी को पांचवीं कतार में बैठाया गया था. कांग्रेस ने इस व्यवस्था पर कड़ी आपत्ति जताई थी.

पार्टी का आरोप था कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा हासिल होने के बावजूद उन्हें पीछे बैठाना पद का अपमान है. वहीं रक्षा मंत्रालय ने उस समय सफाई दी थी कि पेरिस ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के लिए जगह बनाने के कारण सीटिंग व्यवस्था में बदलाव किया गया था.

2025 में भी नहीं पहुंचे थे दोनों नेता

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने 2025 में भी लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा नहीं लिया था. इस साल दोनों की गैरमौजूदगी के साथ यह लगातार दूसरा मौका है, जब कांग्रेस के दोनों वरिष्ठ नेता इस राष्ट्रीय समारोह में नहीं पहुंचे.

इस बीच कांग्रेस नेताओं ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया.

संसद के मॉनसून सत्र के बाद बढ़ी थी तल्खी

राहुल गांधी और खड़गे की गैरमौजूदगी ऐसे समय हुई है, जब संसद का मॉनसून सत्र हाल ही में खत्म हुआ है. पूरे सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली.

सदन की कार्यवाही प्रभावित होने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया. सत्र के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा, जबकि सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगाए.

सीटिंग विवाद से फिर गरमाई सियासत

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के लाल किले के समारोह से लगातार दूसरे साल दूर रहने के बाद सीटिंग और प्रोटोकॉल का पुराना विवाद फिर चर्चा में आ गया है.

खास बात यह है कि इस साल सरकार ने राहुल गांधी की सीट को लेकर पहले ही स्थिति स्पष्ट कर दी थी. इसके बावजूद दोनों नेताओं का समारोह में नहीं पहुंचना राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है.