राज्यसभा में राघव चड्‌ढा का पद मिलने के बाद AAP सांसद अशोक मित्तल का हुआ पहला भाषण

राज्यसभा में आप सांसद डॉ. अशोक मित्तल ने जनविश्वास बिल की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें महिला सुरक्षा और मजदूरों के हितों के साथ समझौता किया गया है. उन्होंने सजा को जुर्माने में बदलने और न्यायपालिका की शक्तियां कम करने पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया.

अशोक मित्तल
अशोक मित्तल

धर्मेंद्र साहू

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संसद के उच्च सदन राज्यसभा में 'जनविश्वास (संशोधन) विधेयक' पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने सरकार को जमकर घेरा. उन्होंने बिल के प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिसे सरकार 'जनविश्वास' कह रही है, असल में उसके पन्ने पलटने पर जनता का 'अविश्वास' ज्यादा नजर आता है.

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बीमारी से ज्यादा खतरनाक है दवाई का साइड इफेक्ट

डॉ. मित्तल ने बाबा साहेब अंबेडकर के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा कि कानून और व्यवस्था राजनीति के लिए दवा की तरह होते हैं, लेकिन इस बिल के जरिए जो 'दवा' दी जा रही है, उसका साइड इफेक्ट मूल बीमारी से भी ज्यादा खतरनाक है. उन्होंने आरोप लगाया कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के नाम पर सरकार 'ईज ऑफ कमिटिंग क्राइम' (अपराध करने की आसानी) को बढ़ावा दे रही है.

महिला सुरक्षा और मजदूरों के हितों पर चोट

सांसद ने बिल की कुछ विशिष्ट धाराओं का जिक्र करते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए:

रेलवे में महिला सुरक्षा: उन्होंने बताया कि पहले लेडीज डिब्बे में अवैध रूप से घुसने वाले पुरुषों को जेल होती थी, लेकिन अब सिर्फ 500 रुपये का जुर्माना रह गया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार महिला सुरक्षा को 'रेवेन्यू जनरेशन' का टूल बना रही है.

मजदूरों का हक: कोल माइंस प्रोविडेंट फंड एक्ट में बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब मजदूरों का पीएफ मारने वालों को जेल के बजाय मात्र 500 से 5000 रुपये का जुर्माना देकर बचने का रास्ता दे दिया गया है.

मिलावटी दवाओं और न्यायपालिका पर प्रहार

डॉ. मित्तल ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े बदलावों पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि नकली दवाएं और कॉस्मेटिक्स बनाने वालों के लिए सजा खत्म कर उसे केवल जुर्माने में तब्दील करना आम आदमी की सेहत के साथ खिलवाड़ है. साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि जजों की शक्तियां छीनकर बाबुओं (जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों) को दी जा रही हैं, जिससे भ्रष्टाचार की नई दुकानें खुल जाएंगी.

सरकार को सुझाव: जीएसटी और इनकम टैक्स में सुधार की मांग

भाषण के अंत में डॉ. मित्तल ने सरकार को सुझाव दिया कि यदि वाकई में जनता का विश्वास जीतना है, तो जीएसटी और इनकम टैक्स जैसे कानूनों में छोटे व्यापारियों को मिलने वाली जेल की सजा और उत्पीड़न को खत्म किया जाए. उन्होंने पुराने मामलों के निपटारे के लिए एक ठोस 'कंपाउंडिंग पॉलिसी' लाने की भी वकालत की.


 

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