Red Fort Blast: दिल्ली ब्लास्ट में शू-बॉम्बर इस्तेमाल करने का शक, इस खतरनाक विस्फोटक के भी ट्रेस मिले

अरविंद ओझा

• 03:30 PM • 17 Nov 2025

Red Fort Blast: दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके में शू-बॉम्बर के इस्तेमाल का शक है, जिसमें जैश के आतंकी उमर मोहम्मद शामिल हो सकता है और विस्फोटक TATP और अमोनियम नाइट्रेट पाए गए.

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Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती जा रही है, वैसे ही हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. अब इस मामले में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ा सुराग मिला है. शुरुआती तफ्तीश में पता चला है कि जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी उमर मोहम्मद ने इस हमले को एक शू बॉम्बर की तरह अंजाम देने की कोशिश की हो सकती है. 

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एजेंसियों के पुख्ता सूत्रों ने बताया कि धमाके वाली जगह पर खड़ी उसकी I20 कार के राइट फ्रंट टायर और ड्राइविंग सीट के नीचे से एक जूता मिला है. यह जूता जांच का अहम हिस्सा बन गया है क्योंकि इसमें धातु जैसे पदार्थ के निशान मिले हैं जो धमाके से जुड़े हो सकते हैं.

फोरेंसिक टीम ने ब्लास्ट स्पॉट, कार के टायर और बरामद जूते तीनों जगहों से TATP के ट्रेसेस पाए हैं. माना जा रहा है कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट और TATP दोनों तरह के विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया है. 

बड़े पैमानें पर TATP इकट्ठा कर रखा है

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जैश के आतंकियों ने बड़े पैमाने पर TATP इकट्ठा कर रखा था और एक बड़े धमाके की योजना पहले से ही बनाई जा रही थी.

एजेंसियों को कार की पीछे वाली सीट के नीचे भी विस्फोटक सामग्री के निशान मिले हैं. जिससे साफ होता है कि कार में भारी मात्रा में मैटेरियल छुपाकर रखा गया था. इसी के साथ ये खुलासा भी हुआ है कि लगभग 20 लाख रुपये की फंडिंग गिरफ्तार लेडी डॉक्टर शाहीन के जरिए इस मॉड्यूल तक पहुंचाई गई थी.

शू बॉम्बर का एंगल अहम 

इस पूरे मामले में शू बॉम्बर का एंगल इसलिए भी अहम है क्योंकि दिसंबर 2001 में पेरिस से मियामी जा रही अमेरिका एयरलाइंस की एक फ्लाइट में रिचर्ड रीड नाम के आतंकवादी ने अपने जूतों में छुपाए TATP से विस्फोट करने की कोशिश की थी. 

अब तक की जांच में यही पैटर्न इस ब्लास्ट में भी सामने आ रहा है, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई है कि उमर मोहम्मद ने भी उसी तरह जूते के जरिए विस्फोटक का इस्तेमाल किया.

जांच टीम अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि धमाके की पूरी योजना कैसे बनाई गई. विस्फोटक कहां से जुटाए गए और इस मॉड्यूल में और कौन-कौन शामिल था. शुरुआती संकेत साफ बताते हैं कि यह हमला एक सोची समझी प्लानिंग के साथ की गई साजिश थी.

कब और कैसे हुआ था हमला 

राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर की शाम लगभग 6.52 पर लाल किले के पास एक i20 कार में धमाका हुआ. इस धमाके में कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं जिनका इलाज चल रहा है. इस मामले में जांच जारी है. 

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