राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन' और करणी सेना के आह्वान पर आरक्षण में सुधार और बदलाव की मांग को लेकर देश भर से आए लोगों का भारी प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. जंतर-मंतर पर छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया है. प्रदर्शन स्थल पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और आईटीबीपी (ITBP) के जवानों की भारी तैनाती की गई है. प्रदर्शनकारियों को रोकने और नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा जंतर-मंतर के चारों तरफ काफी ऊंचे बैरिकेड्स लगाए गए हैं.
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आंदोलन के प्रमुख हर्ष दुबे का आरोप
आंदोलन की अगुवाई कर रहे हर्ष दुबे ने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने आए लोगों को रोका जा रहा है. उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें लगभग 5 घंटे तक थाने में बिठाकर रखा और कहा कि जंतर-मंतर से इस प्रदर्शन को रामलीला मैदान ट्रांसफर किया जा रहा है. हर्ष दुबे ने साफ कहा कि आंदोलनकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना ज्ञापन (Memorandum) सौंपने के बाद ही यहां से हटेंगे. उनका कहना है कि आरक्षण उन तक पहुंचना चाहिए जिन्हें इसकी असली आवश्यकता है और इसमें व्यापक सुधार किए जाने चाहिए.
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें: आर्थिक आधार पर बने आरक्षण की व्यवस्था
प्रदर्शन में पहुंचे युवाओं और समर्थकों का कहना है कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में बड़े पैमाने पर सुधार (Reforms) की जरूरत है. प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि जो लोग नेता, मंत्री या बड़े प्रशासनिक पदों (IAS/IPS) पर पहुंच चुके हैं, उनके बच्चों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए. आरक्षण का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलना चाहिए जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और 200 रुपये की दिहाड़ी पर मजदूरी कर रहे हैं. उनका कहना है कि 'गरीब की कोई जाति नहीं होती', इसलिए आरक्षण का आधार जातिगत न होकर आर्थिक होना चाहिए.
जनपथ और मेट्रो स्टेशन पर रोकने और गुमराह करने का आरोप
प्रदर्शन में शामिल होने राजस्थान के अलवर व देश के अन्य हिस्सों से आए लोगों ने आरोप लगाया कि जनपथ मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 2 से निकलते ही पुलिस द्वारा लोगों को रोका और डायवर्ट किया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दूर-दूर से आए छात्रों को यह कहकर भ्रमित किया जा रहा है कि परमिशन रामलीला मैदान में है और उन्हें जंतर-मंतर नहीं आने दिया जा रहा. इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवा बैरिकेड्स को पार कर और रास्ते खोजकर जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं.
एक मंच पर जुटे कई संगठन, ज्ञापन सौंपने पर अड़े
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने दावा किया कि इस आंदोलन में कई प्रमुख नेता और सामाजिक प्रतिनिधि एक मंच पर आए हैं. उन्होंने कहा कि वे अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रखने आए हैं. जंतर-मंतर पर नारेबाजी का दौर जारी है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर लगातार डटे हुए हैं.
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