DUSU Election 2026: एनएसयूआई को हराने वाली एबीवीपी की सेक्रेटरी रिया छाबड़ी कौन हैं?  जानिए उनकी प्राथमिकताएं

अनमोल नाथ

• 12:37 PM • 20 Sep 2026

Riya Chhawdi Profile: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में ABVP की रिया छाबड़ी ने सचिव पद पर जीत दर्ज की है. रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट हासिल किए, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले. जानिए कौन हैं DUSU की नई सेक्रेटरी रिया छाबड़ी, उनकी पढ़ाई, छात्र राजनीति का सफर और चुनाव के बाद उनकी प्राथमिकताएं क्या हैं.

Riya Chhawdi DUSU Secretary
Riya Chhawdi DUSU Secretary
Google CTA

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनावों के नतीजे आ चुके हैं, जिसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पैनल की पोजीशन पर जीत हासिल की है, जबकि एक पोजीशन पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है. इस चुनाव में एबीवीपी की टिकट पर सेक्रेटरी पद पर जीत हासिल करने वाली रिया छाबड़ी चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं. रिया छाबड़ी ने एनएसयूआई (NSUI) को 7,000 से अधिक वोटों से शिकस्त दी है और वह एबीवीपी की इकलौती गुर्जर कैंडिडेट हैं.

Read more!

कौन हैं रिया छाबड़ी?

रिया छाबड़ी 2023 से ABVP से जुड़ी छात्र कार्यकर्ता हैं और फिलहाल श्री अरबिंदो कॉलेज की कॉलेज यूनिट की वाइस-प्रेसिडेंट हैं. बदरपुर के मोलड़बंद गांव के किसान परिवार से आने वाली रिया ने कैंपस में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रियता दिखाई है और संगठन की गतिविधियों में भी योगदान दिया है. वह इंटर-कॉलेज बास्केटबॉल खिलाड़ी भी हैं. वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री अरबिंदो कॉलेज से B.A. प्रोग्राम के चौथे वर्ष की पढ़ाई कर रहीं रिया ने DUSU 2026-27 चुनाव में सेक्रेटरी पद पर जीत दर्ज की है.

एबीवीपी की जीत और रिया छाबड़ी का संघर्ष

चुनाव परिणामों के शुरुआती रुझानों से ही रिया छाबड़ी की सीट काफी सुरक्षित मानी जा रही थी. अपनी इस सफलता पर बात करते हुए रिया ने बताया कि उन्होंने इसके लिए कड़ी मेहनत की है. वह साल 2023 से एबीवीपी से जुड़ी हुई हैं और लगातार छात्रों के अधिकारों के लिए कार्य कर रही हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स उनके काम से अच्छी तरह वाकिफ हैं और इसी वजह से छात्रों ने एबीवीपी पर अपना भरोसा जताया है, जिसके परिणामस्वरूप आज पार्टी ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है.

महिला सुरक्षा और यूनिवर्सिटी में विकास कार्य

डीयू चुनावों में महिला सुरक्षा और सुविधाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था. एनएसयूआई और एबीवीपी दोनों ने अपने-अपने मेनिफेस्टो में सैनिटरी पैड और डार्क जोन जैसी समस्याओं के समाधान का जिक्र किया था. बतौर महिला सेक्रेटरी अपनी जिम्मेदारियों के बारे में बात करते हुए रिया ने कहा कि एबीवीपी के पिछले कार्यकाल के दौरान डीयू में एक हजार से ज्यादा कैमरे लगवाए गए थे, पिंक बूथ और वामिका वैन चलाई गई थीं. उनका मुख्य प्रयास यह रहेगा कि यदि इन व्यवस्थाओं में कोई कमी रह गई है, तो उसे सबसे पहले पूरा किया जाए. इसके साथ ही उनका सबसे बड़ा मोटिव दिल्ली यूनिवर्सिटी की हर एक छात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है ताकि उन्हें कैंपस में सुरक्षित और घर जैसा माहौल मिल सके.

'जेन जी' और राष्ट्रीय राजनीति पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस और एनएसयूआई द्वारा नेशनल पॉलिटिक्स में 'जेन जी' (Gen Z) के समर्थन और राहुल गांधी की छात्रों की गूंज को लेकर किए जा रहे दावों पर भी रिया ने खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि यह बात अब देश और सभी को स्पष्ट हो चुकी है कि जेन जी सिर्फ राजनीतिक एजेंडे और रीलबाजों के साथ नहीं, बल्कि उनके साथ है जो असल मायनों में छात्रों के हितों की बात करते हैं. तीन सीटों पर एबीवीपी की जीत इसी बात का सबसे बड़ा सबूत है. उन्होंने कहा कि छात्रों का यह अटूट विश्वास एबीवीपी के साथ हमेशा रहा है और आगे भी बना रहेगा, साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले चुनाव में एबीवीपी चारों सीटों पर जीत हासिल करेगी.

कौन हैं यश डबास जो बने DUSU के नए अध्यक्ष? जानिए पढ़ाई से लेकर टेनिस और छात्र राजनीति तक का सफर