'9 करोड़ की जमीन चंपत राय ने 55 करोड़ में खरीदी'...राम मंदिर चंदा विवाद पर संजय सिंह के बेहद गंभीर आरोप

AAP सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर बड़ा खुलासे का दावा किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के चंपत राय ने अयोध्या में 9 करोड़ की जमीन को 55 करोड़ रुपये में खरीदा है. जानिए क्या है पूरा मामला.

Sanjay Singh Statement
संंजय सिंह: फाइल फोटो.

न्यूज तक डेस्क

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आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए आए चंदे में एक बार फिर बहुत बड़े घोटाले का आरोप लगाया है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय सिंह ने दस्तावेजों के साथ दावा किया कि प्रभु श्री राम के नाम पर एकत्र किए गए आस्था के दान में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मिलकर अब तक की सबसे बड़ी 'चंदा चोरी' और लूट को अंजाम दिया है.

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9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ में खरीदने का दावा 

संजय सिंह ने सीधे तौर पर राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके पास इस महाघोटाले के पुख्ता कागजात मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि अयोध्या के शाहनवाजपुर माझा इलाके में स्थित 117 बिस्वा (लगभग 14,730 वर्ग मीटर) जमीन को चंपत राय ने आलोक बंसल, मनीष बंसल और शिवानी बंसल से 55 करोड़ 47 लाख 11 हजार 800 रुपये में खरीदा है. संजय सिंह के मुताबिक, सरकारी आंकड़ों और बाजार मूल्य के लिहाज से इस जमीन की असल मालियत केवल 9 करोड़ रुपये है. यह जमीन 16 नवंबर 2023 को खरीदी गई थी. 

किसानों को 400 रुपए प्रति बिस्वा, चहेतों को दिए 47 लाख रु. प्रति बिस्वा 

भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए 'आप' सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तीर्थ क्षेत्र के बिल्कुल नजदीक स्थित मांझा बरहटा गांव में विकास कार्य और राम जन्मभूमि परिसर के विस्तार के लिए किसानों की लगभग 3000 बिस्वा जमीन का अधिग्रहण किया था. सरकार ने इसके लिए किसानों को महज 400 रुपए प्रति बिस्वा की दर से मुआवजा दिया. वहीं दूसरी तरफ, चंपत राय ने तीर्थ क्षेत्र से दूर शाहनवाजपुर में अपने चहेते व्यापारियों से 47 लाख रुपये प्रति बिस्वा की दर से जमीन खरीदी. संजय सिंह ने सवाल उठाया कि जो जमीन मंदिर के पास है उसका मुआवजा कौड़ियों के भाव और जो दूर है उसके लिए करोड़ों का भुगतान क्यों किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि यह बढ़ा हुआ पैसा वापस घूमकर इन्हीं भ्रष्टाचारियों की जेब में आया है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एसआईटी को सौंपेंगे साक्ष्य 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष के बहकावे में न आएं और जिसके पास सबूत हैं वे एसआईटी (SIT) को दें, संजय सिंह ने पलटवार किया. उन्होंने कहा, "मैं सीएम योगी द्वारा गठित एसआईटी के अधिकारियों से आधिकारिक तौर पर समय मांगकर मिलूंगा और ये सभी दस्तावेज उनके सामने प्रस्तुत करूंगा. तब देखा जाएगा कि एसआईटी इस पर क्या कार्रवाई करती है." संजय सिंह ने कहा कि यह हजारों करोड़ का भ्रष्टाचार है जिस पर एसआईटी और यूपी सरकार पर्दा नहीं डाल सकती.

PM मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत पर साधा निशाना 

संजय सिंह ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी पर भी तीखे सवाल दागे. उन्होंने आरोप लगाया कि इस चंदा चोरी में पीएम के करीबी अधिकारी ज्ञानेश कुमार भी शामिल रहे हैं, जो 2020 से 2024 तक ट्रस्ट में सरकारी प्रतिनिधि के रूप में तैनात थे. संजय सिंह ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस पूरे मामले की समयबद्ध समय सीमा के भीतर जांच होनी चाहिए और दोषियों को तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए. संयज सिंह ने कहा कि ये बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है. हजारों करोड़ों का भ्रष्टाचार है. 

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