आम आदमी पार्टी (AAP) और केंद्र सरकार के बीच तकरार एक बार फिर चरम पर है. पिछले तीन दिनों के भीतर 'आप' के दो बड़े नेताओं के यहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद पार्टी सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है. संजय सिंह ने इसे चुनाव से पहले विपक्ष को डराने की रणनीति करार दिया है.
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चुनाव तक जारी रहेगा ED-CBI का सिलसिला
संजय सिंह ने छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अशोक मित्तल के यहां हुई रेड के बाद से ही यह स्पष्ट हो गया था कि चुनावों तक यह सिलसिला जारी रहेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास जनता को गिनाने के लिए स्कूल, अस्पताल, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली या रोजगार जैसे क्षेत्रों में कोई उपलब्धि नहीं है. संजय सिंह के अनुसार, "जब प्रधानमंत्री के पास कुछ भी उपलब्धि नहीं होती, तो उनके पास एक ही हथियार बचता है- ईडी और सीबीआई." उन्होंने कहा कि बंगाल के बाद अब पंजाब में आप नेताओं को टारगेट किया जा रहा है.
केजरीवाल और सिसोदिया की तरह सबको फंसाने की साजिश
सांसद ने याद दिलाया कि पहले अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और खुद उन पर 'फर्जी' मुकदमे बनाकर जेल में डाला गया. अब वही प्रयोग पंजाब में दोहराया जा रहा है. उन्होंने भरोसा जताया कि पंजाब की जनता भाजपा को सबक सिखाएगी और उनकी जमानतें जब्त करा देगी.
महिला आरक्षण बिल पर बड़ा दावा
संजय सिंह ने संसद में पेश किए गए महिला आरक्षण बिल पर भी केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए. उन्होंने इसे "भाजपा चुनाव जिताओ बिल" करार दिया. सिंह ने कहा कि 2023 में जब यह बिल आया था, तब विपक्ष ने इसका समर्थन किया था और मांग की थी कि 33% आरक्षण आज से ही लागू हो.
उन्होंने सरकार को "महामूर्ख" कहते हुए आलोचना की कि पहले सरकार ने कहा था कि आरक्षण जनगणना और डीलिमिटेशन (परिसीमन) के बाद 2034 से लागू होगा, लेकिन अब अचानक अपने ही फैसले को बदला जा रहा है.
देश को टुकड़े-टुकड़े करना चाहती है बीजेपी
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि डीलिमिटेशन के माध्यम से भाजपा उत्तर और दक्षिण भारत के बीच झगड़ा कराना चाहती है. उन्होंने कहा कि असम और कश्मीर में जिस तरह से सीटों का डीलिमिटेशन किया गया, उससे स्पष्ट है कि यह केवल चुनावी फायदे के लिए है. उन्होंने दावा किया कि दक्षिण भारत, बंगाल और अन्य राज्यों में इसका विरोध शुरू हो गया है और यह बिल संसद में गिर जाएगा क्योंकि विपक्ष भाजपा की "चाल" समझ चुका है.
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