आम आदमी पार्टी (AAP) ने जंतर-मंतर पर 21 दिनों से अनशन पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन उठाए जाने और वहां मौजूद युवाओं पर लाठीचार्ज करने की कार्रवाई की तीखी निंदा की है. 'आप' के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च से बुरी तरह डर गई है. इसी डर के कारण आंदोलन को खत्म करने के लिए पुलिसिया बल का इस्तेमाल किया गया है.
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20 जुलाई के संसद कूच को रोकने की साजिश
संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक एक शांतिपूर्ण मार्च का आह्वान किया था, जिसमें देश के युवाओं, आम जनता और कई विपक्षी सांसदों को शामिल होना था. संसद का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले होने वाले इस मार्च से घबराकर सरकार ने सुबह-सुबह भारी पुलिस बल भेजकर जंतर-मंतर को घेर लिया. वहां प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठियां बरसाई गईं और वांगचुक को जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया. संजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि इस आंदोलन को दबाने के लिए ही हाल में दिल्ली का पुलिस कमिश्नर बदला गया था.
21 दिन के अनशन पर पीएम की चुप्पी पर उठाए सवाल
'आप' सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा, "59 साल के सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर थे. वह देश के उन करोड़ों बेबस युवाओं की आवाज उठा रहे थे, जिनका भविष्य 93 पेपर लीक की वजह से बर्बाद हो चुका है. लेकिन दुख की बात है कि प्रधानमंत्री ने 21 दिनों में न तो उनसे बात की और न ही अनशन खत्म करने की अपील के लिए एक ट्वीट तक किया."
अहंकारी सत्ता को युवा ही उखाड़ फेंकेंगे
संजय सिंह ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता का ऐसा अहंकार ठीक नहीं है जहां हर शांतिपूर्ण आंदोलन को लाठी, गोली और आंसू गैस के दम पर कुचला जाए. उन्होंने कहा कि कभी किसानों, कभी माताओं-बहनों तो कभी युवाओं के आंदोलन को दबाया जा रहा है. जिन नौजवानों पर आज लाठियां चलाई जा रही हैं, वही आने वाले समय में इस अहंकारी सत्ता को उखाड़ फेंकेंगे. संजय सिंह ने देश के युवाओं से अपील की है कि वे सोनम वांगचुक के इस आंदोलन को कमजोर न होने दें और एकजुट होकर उनका साथ दें.
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