देश की राजधानी दिल्ली में नीशू आजाद और उनके परिवार के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर माहौल गरमा गया है. इस मामले में न्याय की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम, सौरव दास और समर्थकों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और अपना विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नीशू के पिता संजय जी पर जानलेवा हमला कर उनका सर फोड़ दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है. इस घटना के विरोध में सड़क पर उतरे समर्थकों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि खुद को उजागर करने वाले अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार कर उन पर हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) सहित संगीन धाराओं में केस दर्ज किया जाए.
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पिता पर हमले और दिल्ली पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
विरोध प्रदर्शन के दौरान सौरभ दास और उनकी टीम ने आरोप लगाया कि नीशू के पिता संजय जी के साथ खुलेआम मारपीट की गई और उनका सर फोड़ दिया गया. उन्होंने कहा कि हमलावर खुद सार्वजनिक रूप से यह कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने संजय जी पर जानलेवा हमला किया था. इसके बावजूद दिल्ली पुलिस द्वारा ठोस कानूनी कार्रवाई न करना बेहद चिंताजनक है. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आरोपियों पर केवल मामूली धाराएं लगाई गई हैं, जबकि मेडिकल रिपोर्ट (MLC) में गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है.
एक्स्ट्रा जुडिशियल कन्फेशन और गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने मीडिया के सामने दावा किया कि इस मामले में वीडियो एविडेंस और हमलावरों का एक्स्ट्रा जुडिशियल कन्फेशन मौजूद है, जिसमें वे खुलेआम हमले की बात मान रहे हैं. इतना ही नहीं, यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी लड़कियों और प्रदर्शनकारियों को लगातार धमकियां दे रहे हैं. सौरभ दास ने सवाल उठाते हुए कहा कि राजधानी में इस तरह से खुलेआम घूमने वाले अपराधियों पर पुलिस की ढिलाई कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है.
जंतर-मंतर हिंसा और 2800 अपराधियों का मुद्दा
सीजेपी के प्रतिनिधियों ने जंतर-मंतर पर हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस खुद कोर्ट में 2800 से ज्यादा हार्डन क्रिमिनल्स को चिह्नित करने की बात मान चुकी है. इसके बावजूद उन पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय उन्हें छूट दी जा रही है. उन्होंने मांग की कि चिह्नित किए गए सभी आरोपियों की जांच कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए.
'चुप नहीं बैठेंगे', कड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि वे पहले दिन से ही हर स्टूडेंट और प्रोटेस्टर के साथ मजबूती से खड़े हैं और आगे भी न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि आज वे पुलिस प्रशासन से सीधे बातचीत करने आए हैं. यदि दिल्ली पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों पर सख्त धाराएं नहीं लगाईं और उन्हें गिरफ्तार नहीं किया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है.
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