नोएडा में रहने वाली एक वायरल लड़की के खिलाफ नोएडा पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने का मामला अब गरमाता जा रहा है. इस पूरे घटनाक्रम पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि प्रोटेस्ट या विरोध प्रदर्शन के दौरान यदि किसी ने कोई गलत शब्द या गाली का इस्तेमाल किया है, तो उसकी निंदा की जा सकती है, लेकिन इसके लिए पुलिस मशीनरी का दुरुपयोग करके युवाओं को टार्गेट करना और उनका उत्पीड़न करना किसी भी सूरत में सही नहीं है. उन्होंने कड़े शब्दों में सवाल उठाते हुए कहा कि देश में आम बोलचाल या गुस्से में गाली देना कब से एक गंभीर क्रिमिनल ऑफेंस बन चुका है.
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सांसदों के आपराधिक मामलों और दोहरे मापदंड पर सवाल
सौरव दास ने प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए दोहरे मापदंड का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि देश की लोकसभा में बैठे लगभग 50 फीसदी बीजेपी सांसदों के खिलाफ रेप, मर्डर और डकैती जैसे बेहद गंभीर और हीनियस क्रिमिनल चार्जेस दर्ज हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती. इसके विपरीत, किसी लड़की द्वारा गुस्से में एक-दो आपत्तिजनक शब्द बोल देने पर उसे इस तरह से पुलिस के जरिए टारगेट किया जाना और समाज में एक डरावना उदाहरण सेट करने की कोशिश करना बेहद निंदनीय है. उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से स्पष्ट अपील की है कि युवाओं का इस तरह से उत्पीड़न करना तुरंत बंद किया जाए और संबंधित लड़की को अकेला छोड़ दिया जाए.
डिफेमेशन का विकल्प और मशीनरी के दुरुपयोग पर आपत्ति
आगे बात करते हुए CJP प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यदि प्रधानमंत्री या किसी अन्य व्यक्ति को किसी के बयानों से ठेस पहुंची है या बुरा लगा है, तो उनके पास कानूनी रूप से मानहानि (Defamation) का केस दर्ज कराने का स्पष्ट विकल्प मौजूद है. लेकिन इसके बावजूद पुलिस मशीनरी का इस्तेमाल करके इस तरह से लक्षित कार्रवाई कराना पूरी तरह से गलत और अस्वीकार्य है. उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस और आपराधिक मशीनरी का इस तरह के मामलों में कोई स्थान नहीं होना चाहिए और न्यायपालिका को ऐसे मामलों में आगे आकर युवाओं की सुरक्षा करनी चाहिए.
दिल्ली सरकार के नोटिफिकेशन और आंदोलन की सफलता का जिक्र
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान दिल्ली सरकार के हालिया नोटिफिकेशन का भी जिक्र किया गया, जिसे सौरव दास ने लंबे संघर्ष के बाद एक सकारात्मक विकास और युवाओं की बड़ी जीत करार दिया. उन्होंने इसे देश के युवाओं द्वारा रचा गया एक ऐतिहासिक पल बताया. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि बाकी बची मांगों, मुआवजे के प्रावधानों और दर्ज एफआईआर को वापस लेने की प्रक्रिया पर भी सरकार जल्द से जल्द अमल करेगी.
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