चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही एसआईआर (SIR) प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से शुद्ध और पारदर्शी बनाना है. इसके तहत सूची में से फर्जी, अवैध और नकली मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं. इस प्रक्रिया के अंतर्गत लोगों से उनका 2002 का मुख्य विवरण मांगा जा रहा है ताकि सही मतदाता की पहचान हो सके. बूथ लेवल अधिकारी (BLO) खुद लोगों के घर जाकर या संपर्क करके उन्हें एसआईआर फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं.
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वर्ष 2002 और 2003 के रिकॉर्ड को लेकर मतदाताओं में असमंजस
दिल्ली में रह रहे अन्य राज्यों के प्रवासियों के बीच 2002 की डिटेल को लेकर काफी भ्रम की स्थिति देखने को मिल रही है. कई लोग जो मूल रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान या झारखंड से हैं, वे अपनी पुरानी डिटेल खोजने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं. इसमें ध्यान देने योग्य बात यह है कि दिल्ली और राजस्थान में 2002 में एसआईआर हुआ था, जबकि बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और झारखंड जैसे राज्यों में यह प्रक्रिया वर्ष 2003 में हुई थी. इसलिए इन राज्यों के लोगों को 2003 का रिकॉर्ड देखना होता है.
ऑनलाइन 1 मिनट में पुरानी डिटेल निकालने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
सामाजिक कार्यकर्ता धीरज कुमार ने मोबाइल ऐप के जरिए 2002/2003 की मतदाता डिटेल खोजने का बेहद आसान तरीका साझा किया है.
1. सबसे पहले निर्वाचन आयोग के संबंधित ऐप या पोर्टल पर एसआईआर (SIR) सेक्शन में जाना होता है.
2. फिर अपने गृह राज्य (जैसे बिहार, यूपी आदि) का चयन करें.
3. राज्य के बाद अपने संबंधित जिले (जैसे मधुबनी) को चुनें
4. फिर उस समय की अपनी पुरानी विधानसभा क्षेत्र का नाम दर्ज करें.
5. इसके बाद अपने पिता या परिवार के सदस्य का नाम डालकर सर्च करें.
6. सर्च करने पर गांव, दादा का नाम और पिता का नाम मैच करके सही रिकॉर्ड की पहचान की जा सकती है, और जरूरत पड़ने पर इसकी पीडीएफ (PDF) फाइल भी डाउनलोड की जा सकती है.
परिसीमन और बदला हुआ विधानसभा क्षेत्र
पुरानी डिटेल खोजने में एक बड़ी चुनौती समय-समय पर होने वाला परिसीमन भी है. उदाहरण के तौर पर, बिहार में वर्ष 2000 या 2003 के आसपास जो विधानसभा क्षेत्र हुआ करता था (जैसे बेनीपट्टी), वह परिसीमन के बाद बदल गया होगा (जैसे वर्तमान में हरलाखी). इस कारण लोगों को अपने पुराने विधानसभा क्षेत्र के नाम से ही 2002-03 का रिकॉर्ड खोजना पड़ेगा. सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय स्तर पर लोग प्रवासियों की इस समस्या को सुलझाने और सही फॉर्म भरवाने में मदद कर रहे हैं.
31 तारीख अंतिम सीमा, उसके बाद सामने आएंगे आंकड़े
एसआईआर फॉर्म भरकर जमा करने की अंतिम तिथि 31 तारीख तय की गई है. इस डेडलाइन के खत्म होने के बाद जब निर्वाचन आयोग की नई सूची जारी होगी, तब यह स्पष्ट हो पाएगा कि कितने नए मतदाताओं के नाम जुड़े हैं और कितने फर्जी नाम सूची से काटे गए हैं. ग्राउंड स्तर पर सामाजिक व राजनीतिक सहयोग से लोग अपने फॉर्म भरकर जमा करा रहे हैं.
यहां देखें वीडियो
Delhi SIR Form Online: घर बैठे कैसे भरे ऑनलाइन SIR फॉर्म? जानिए स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस
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