Delhi Metro Viral Video: दिल्ली में पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करा दिया. पुलिस के मुताबिक, डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद ये कदम उठाया गया. उन्हें इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस बीच, दिल्ली मेट्रो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक युवती 'कॉकरोच जनता पार्टी' के 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के समर्थन में मेट्रो यात्रियों से अपील करती नजर आ रही है.
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दिल्ली मेट्रो में गूंजी संसद मार्च की आवाज
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक लड़की मेट्रो के यात्रियों को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट के बारे में समझा रही है. लड़की पैसेंजर्स को बता रही है कि यह विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहा है और बच्चों के भविष्य के लिए यह कितना जरूरी है. लड़की मेट्रो में लोगों से भावुक अपील करते हुए 20 जुलाई को सुबह 9 बजे जंतर-मंतर से संसद तक होने वाले शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने की बात कह रही है.
8 साल में 85 से ज्यादा पेपर लीक का गंभीर आरोप
मेट्रो में वायरल वीडियो के मुताबिक, लड़की पैसेंजर्स से कह रही है कि पिछले 25 दिनों से करीब 30 बच्चे और सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हैं. लड़की का आरोप है कि पिछले 5 से 8 सालों में नीट समेत 85 से ज्यादा प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं. उसने कहा कि पेपर लीक होने का मतलब है कि इन्हें पैसों के लिए बेचा गया है. लड़की ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि वे परीक्षाओं को सही तरीके से आयोजित कराने में नाकाम रहे हैं, इसलिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. उसने कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक यह स्थिति नहीं सुधरेगी.
वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं
इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यूजर्स लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. यह वीडियो 'अनिकेत पाटिल ऑफिशियल' नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है, जिसके कैप्शन में लोगों से 20 जुलाई के संसद मार्च का समर्थन करने की अपील की गई है. इस पर कमेंट करते हुए हिमांशी नाम की एक यूजर ने लिखा कि भारत का हर सिस्टम फेल हो चुका है और नियम सिर्फ गरीबों के लिए हैं, इसलिए लोग हंगर स्ट्राइक पर हैं. वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि सबको जागना होगा और बच्चों के भविष्य के लिए इस आंदोलन का सपोर्ट करना होगा.
जबरन अस्पताल ले जाने पर दिल्ली पुलिस की सफाई
बता दें कि सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे थे. वे NEET परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों को भी वहां से हटाया जाने लगा.
इस बीच, सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने के आरोपों पर दिल्ली पुलिस ने अपना आधिकारिक बयान जारी किया है. पुलिस ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेशों और मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह और सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसके साथ ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर को शांतिपूर्ण ढंग से खाली करने की अपील की है.
दरअसल, सोनम वांगचुक की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी. इस पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन बेहद महत्वपूर्ण है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि सरकारी डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर वांगचुक की नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए.
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