देश की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर जहां पूरा देश जश्न में डूबा है, वहीं ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. BJP ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर राष्ट्रगीत गाने से रोकने का आरोप लगाया है, जिसे कांग्रेस ने पूरी तरह से भ्रामक और गलत करार दिया है.
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सोनिया और राहुल गांधी ने दिया रोकने का इशारा?
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए सोनिया गांधी की मंशा पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान जब वंदे मातरम गाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी ने नाराज होकर पार्टी कार्यकर्ताओं को दूसरे अंतरे के बाद इसे रोकने का निर्देश दिया. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने भी राष्ट्रगीत को बीच में ही बंद कराने का इशारा किया था.
1937 के ऐतिहासिक फैसले का हवाला देकर कांग्रेस का पलटवार
बीजेपी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम को लेकर किसी तरह का विवाद या व्यवधान नहीं हुआ था.
जयराम रमेश ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया, "अक्टूबर 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति की एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद और पंडित जवाहरलाल नेहरू मौजूद थे. उस समय गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर यह तय हुआ था कि राष्ट्रगीत की शुरुआती पंक्तियों (प्रथम दो अंतरों) को ही अधिवेशनों और कार्यक्रमों में गाया जाएगा. तब से लेकर आज तक यही परिपाटी चली आ रही है."
अशोक गहलोत और पवन खेड़ा ने भी दी सफाई
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी बीजेपी के आरोपों को खारिज किया. पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस दफ्तर में कार्यक्रम पूरी गरिमा के साथ संपन्न हुआ और राष्ट्रगीत के दौरान कोई रुकावट नहीं आई. अशोक गहलोत ने स्पष्ट किया कि पार्टी के कार्यक्रमों में तय परंपरा का ही पालन किया गया है और इसे बेवजह तूल देना गलत है.
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय द्वारा जारी 2026 के नए दिशानिर्देशों में वंदे मातरम के सभी अंतरों को शामिल करने का जिक्र है, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में राष्ट्रगीत के अंतरों और परंपराओं को लेकर बहस और तेज हो गई है.
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