राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल, जो हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर BJP में शामिल हुई हैं, एक बार फिर विवादों में हैं. पंजाब के मोगा की एक स्थानीय अदालत में स्वाति मालीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है. यह मामला उनके द्वारा आम आदमी पार्टी के विधायकों के लिए इस्तेमाल किए गए 'भेड़-बकरी' जैसे शब्दों को लेकर दर्ज कराया गया है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.
ADVERTISEMENT
पंजाब की आप विधायक ने दर्ज कराया केस
पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की मोगा से विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने बुधवार को यह मानहानि का मामला दर्ज कराया. डॉ. अरोड़ा, जो पंजाब महिला विंग की अध्यक्ष भी हैं, ने मालीवाल के बयान को जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए आप विधायकों को 'भेड़-बकरी' कहकर संबोधित किया था, जो बेहद अपमानजनक और उनकी गरिमा के खिलाफ है.
विधायकों की योग्यता पर उठाए सवाल
डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने मालीवाल के शब्दों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि वे और उनके साथी विधायक जनता द्वारा चुने गए योग्य प्रतिनिधि हैं, न कि कोई भेड़-बकरी. उन्होंने अपनी योग्यता का हवाला देते हुए बताया कि वह खुद एक प्रशिक्षित डॉक्टर हैं और राजनीति में आने से पहले 7 साल तक चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा दे चुकी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी में कई विधायक डॉक्टर, वकील और शिक्षक जैसे प्रतिष्ठित पेशों से आते हैं. डॉ. अरोड़ा ने इस बात पर जोर दिया कि जहां स्वाति मालीवाल एक मनोनीत सदस्य हैं, वहीं वे लोग जनता के वोट से चुनकर विधानसभा पहुंचे हैं और किसी को भी उनके लिए ऐसे अपशब्द इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है.
स्वाति मालीवाल का पलटवार
मानहानि का केस दर्ज होने के बाद स्वाति मालीवाल ने भी सोशल मीडिया पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. मालीवाल ने दावा किया कि उनके खिलाफ यह केस अरविंद केजरीवाल के इशारे पर दर्ज करवाया गया है. उन्होंने अपनी पोस्ट में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब जैसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्य की कमान एक ऐसे मुख्यमंत्री के हाथ में है जो अक्सर नशे में रहते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नशे की हालत में ही विधानसभा और गुरुद्वारों तक जाते हैं और सरकारी फाइलों पर हस्ताक्षर करते हैं. मालीवाल ने कहा कि पंजाब की जनता को यह जानने का हक है कि उनकी सरकार होश में चल रही है या नहीं.
'भेड़-बकरी' वाले बयान पर दी सफाई
अपने विवादित बयान पर सफाई देते हुए स्वाति मालीवाल ने कहा कि जिस दिन पंजाब में बम ब्लास्ट हुए और किसान मंडियों में परेशान थे, उस दिन पंजाब के सभी विधायकों को जबरदस्ती 'भेड़-बकरियों' की तरह भरकर दिल्ली लाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों को दिल्ली में केजरीवाल के दरबार में हाजिरी लगवाने के लिए लाया गया था, जबकि उन्हें अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था देखनी चाहिए थी. मालीवाल ने कहा कि उन्होंने पंजाब के लोगों का अपमान नहीं किया क्योंकि वे पंजाबियों को 'शेर' मानती हैं, लेकिन उनके अनुसार विधायकों ने दिल्ली के राजनीतिक गुंडों के सामने घुटने टेक दिए हैं, जो भेड़-बकरी जैसा व्यवहार ही है.
'मैं डरने वाली नहीं हूं'
स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल को चुनौती देते हुए कहा कि वे इन कानूनी पैंतरेबाजी से डरने वाली नहीं हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में पुरानी बातों को याद करते हुए लिखा कि ठीक 2 साल पहले उन्हें केजरीवाल के घर पर पिटवाया गया था और अब उन्हें झूठे केसों में फंसाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि चाहे उनके खिलाफ पंजाब के हर जिले में केस दर्ज कर दिया जाए या उन्हें जेल में डाल दिया जाए, वे झुकेंगी नहीं. फिलहाल, इस पूरे मामले पर मोगा की स्थानीय अदालत में 19 मई को सुनवाई होनी है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.
ADVERTISEMENT


