आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के खिलाफ अदालती अवमानना (Contempt of Court) के मामले ने दिल्ली की सियासत में एक बार फिर गरमाहट ला दी है. इस पूरे कानूनी विवाद और अपने खिलाफ दर्ज हुए केस को लेकर संजय सिंह ने खुलकर अपनी बात रखी है [00:16]. Dilli Tak से बातचीत के दौरान उन्होंने न्यायपालिका के प्रति सम्मान जताने के साथ ही अपने और अपने परिवार के मान-सम्मान का मुद्दा भी बेहद प्रखरता से उठाया.
ADVERTISEMENT
'जज साहिबा का सम्मान है, लेकिन हमारा भी आत्मसम्मान है'
अपने खिलाफ हुई कानूनी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही है, जो भी कहा वह पूरी तरह सच था. उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से माननीय जज साहिबा का बहुत मान-सम्मान है, लेकिन हम लोगों का भी समाज में एक मान-सम्मान है. झूठे मुकदमे लगाकर जिस तरह से पूरे देश में हमें और हमारे परिवार को बदनाम व अपमानित किया गया, उसका क्या? जज साहिबा तो सोशल मीडिया पर लिखे जाने या किसी टिप्पणी से नाराज हो गईं, लेकिन हम लोग तो बिना किसी गुनाह के 183 दिन जेल काटकर आए हैं. किसी से एक चवन्नी तक की रिश्वत नहीं ली, कोई बेईमानी नहीं की, इसके बावजूद हमें जेल में रहना पड़ा. क्या हमारी कोई इज्जत या मान-सम्मान नहीं है?"
दिल्ली सीएम और भाजपा नेता रेखा गुप्ता का किया जिक्र
संजय सिंह ने अदालत और विपक्ष पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कुछ पुरानी घटनाओं का जिक्र किया. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब भाजपा नेता रेखा गुप्ता द्वारा हमें अपमानित किया गया, तब वह किसी को क्यों नहीं दिखा? उन्होंने आगे कहा, "दिल्ली के मुख्यमंत्री ने एक जज के बारे में खुलेआम कहा था कि 'अदालत को सेट करके केजरीवाल के पक्ष में निर्णय लिया गया है', तब न्यायालय, न्यायाधीश और जज का वह अपमान जस्टिस स्वर्णकांता महोदया को क्यों नहीं दिखा? अब इस पूरे मामले में मैं क्या ही कह सकता हूं. जो भी कानूनी प्रक्रिया है, हम उसके मुताबिक ही आगे बढ़ेंगे".
अरविंद केजरीवाल के 'सत्याग्रह' की हुई जीत
सांसद संजय सिंह ने इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के कानूनी संघर्ष की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सत्याग्रह की लड़ाई को बड़ी सफलता मिली है और देश व न्यायालय के सामने आखिरकार सच्चाई की ही जीत हुई है. बेहतर होता कि कोर्ट द्वारा उनकी बात समय रहते पहले ही मान ली जाती, लेकिन देर से ही सही, सत्य की जीत हुई है.
संजय सिंह ने साफ कर दिया है कि वे इस अवमानना मामले से डरने वाले नहीं हैं और कोर्ट के भीतर पूरी कानूनी मजबूती के साथ अपना पक्ष रखेंगे.
ADVERTISEMENT


