देश में NEET-UG परीक्षा को लेकर बने तनावपूर्ण माहौल और जंतर-मंतर पर जारी छात्र प्रदर्शनों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है. इस फैसले की जानकारी उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए साझा की और पद छोड़ने की वजह भी खुलकर बताई.
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प्रधानमंत्री के नाम लिखे अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से भी अधिक समय से शिक्षा, छात्रों और शिक्षकों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं. उनका मानना है कि एक पारदर्शी और मजबूत शिक्षा प्रणाली ही देश के विकास की असली नींव होती है.
धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि 20 लाख से अधिक परीक्षार्थियों की परीक्षा को पारदर्शी और सुचारू ढंग से संपन्न कराना उनकी सबसे पहली जिम्मेदारी थी. इसी दिशा में कदम उठाते हुए केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासन तथा अभिभावकों के सहयोग से 21 जून 2026 को फिर से परीक्षा कराई गई. इसके बाद 16 जुलाई को जारी नतीजों में कई गरीब और प्रतिभावान बच्चों को सफलता भी मिली. हालांकि, इसके बावजूद कुछ जिम्मेदार पदों पर मौजूद लोगों ने छात्रों को भ्रमित करने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गहरा दुख हुआ है.
अपने इस्तीफे के पीछे का कारण बताते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि बीते 10 दिनों के घटनाक्रम ने उन्हें अंदर से आहत किया है. यह मामला उनके personal prestige का नहीं, बल्कि देश के लाखों युवाओं के भविष्य का है. वह नहीं चाहते कि छात्रों का ध्यान पढ़ाई से भटके या उनका करियर राजनीतिक खींचतान और कानूनी पचड़ों में फंसे. इसी सोच के साथ उन्होंने अपने पद से हटने का निर्णय लिया है.
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