MP Board Class 12th Topper Marksheet:अगर हौसला बुलंद हो तो इंसान झोंकेदार आंधी से भी नहीं घबराता है और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उस रास्ते में चलते ही चला जाता है. कुछ ही कहानी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आई है, जहां एक मजूदरी करने वाले की बेटी ने अपने परिवार के साथ-साथ पूरे जिले का नाम रौशन किया है. दरअसल, बीते कल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 12वीं का रिजल्ट घोषित जिसमें छात्राओं ने बाजी मारी है. इसी में एक है भोपाल की चांदनी विश्वकर्मा जिन्हें 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 98.8% मार्क्स मिले है. उनकी इस उपलब्धि के बाद घर-परिवार के साथ स्कूल और मोहल्ले में खुशी की लहर दौड़ गई है. आइए विस्तार से जानते हैं भोपाल की इस बेटी को किस सब्जेक्ट में कितना मार्क्स मिला और क्या है उनके सफलता की कहानी.
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'पहले ही टॉप करना डिसाइडेड था'
चांदनी के इस बेहतरीन उपलब्धि के बाद एमपी तक उनके घर पहुंचा, जहां उनके परिजनों से मुलाकात हुई. चांदनी से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि, 'पहले ही दिन से मैंने तय कर लिया था कि इस बार मुझे एमपी टॉप करना है. इसके लिए मैंने पूरा चार्ट बना रखा था और जब भी मैं डीमोटिवेटेड फील करती थी तो उस चार्ट को देखकर टॉपर बनने का जुनून वापस आ जाता था.'
चांदनी को किस सब्जेक्ट में मिले कितने नंबर?
चांदनी ने 500 में से 494 नंबर हासिल किया है, जिसमें दो सब्जेक्ट में उनके 100 में से 100 नंबर है. यहां देखें उनके सब्जेक्ट वाइज नंबर:
- इंग्लिश: 100
- हिंदी: 98
- बिजनेस स्टडीज: 100
- बुक कीपिंग एंड अकाउंटेंसी: 97
- मैथ्स: 99
सफलता के पीछे का राज
चांदनी ने बताया कि हार्ड वर्क और लगातार पढ़ाई करने की वजह से वो आज इस मुकाम पर पहुंची है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ स्कूल को दिया है. चांदनी ने बताया कि स्कूल के टीचर्स और खासकर प्रिंसिपल मैम ने बहुत सपोर्ट किया है.
चांदनी के पिता करते है मजदूरी
चांदनी के परिवार में उनके माता-पिता के अलावा एक भाई है. चांदनी के पिता एक फर्नीचर दुकान पर मजदूरी करते है और इसी से पूरे परिवार का पालन-पोषण होता है. वहीं चांदनी की मां भी बेटी के इस उपलब्धि से काफी खुश है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर रही है.
चांदनी का क्या है सपना?
चांदनी ने कहा है कि उनका सपना है कि वो आर्मी जॉइन करके लेफ्टिनेंट बनेंगी और देश की सेवा करेगी. चांदनी के इस सपने को बुनने के लिए मां-बाप भी उसके साथ है और हर संभव प्रयास करने के लिए तैयार है.
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