Assam Election: राहुल गांधी ने हिमंता के सामने खेला यूपी वाला दांव, कौन हैं विदिशा नेओग जिनकी जमकर हो रही है चर्चा

असम विधानसभा चुनाव में जलुकबारी सीट पर मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा के खिलाफ कांग्रेस ने युवा चेहरा विदिशा नेओग को उतारकर 'अमेठी फॉर्मूला' आजमाया है। 9 अप्रैल को हुई वोटिंग के बाद अब 4 मई के नतीजों पर सबकी नजर है.

असम चुनाव
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राजू झा

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असम विधानसभा चुनाव 2026 में जलुकबारी (Jalukbari) सीट इस वक्त पूरे देश की नजरों में है. यह सीट इसलिए हाई-प्रोफाइल है क्योंकि यहाँ से असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा (Himanta Biswa Sarma) खुद चुनावी मैदान में हैं. जलुकबारी को हिमंता का सबसे मजबूत किला माना जाता है, लेकिन इस बार कांग्रेस ने यहाँ एक बड़ा दांव खेला है, जिसे 'अमेठी फॉर्मूला' (Amethi Formula) कहा जा रहा है.

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क्या है राहुल गांधी का 'अमेठी फॉर्मूला'?

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में अमेठी में स्मृति ईरानी के खिलाफ किशोरी लाल शर्मा जैसे स्थानीय चेहरे को उतारकर जीत हासिल की थी. ठीक उसी तर्ज पर, जलुकबारी सीट पर हिमंता विश्व शर्मा के खिलाफ कांग्रेस ने एक युवा और स्थानीय चेहरे विदिशा नेओग (Vidisha Neog) को मैदान में उतारा है. विदिशा स्थानीय स्तर पर काफी सक्रिय रही हैं और कांग्रेस उन्हें सिर्फ एक प्रतीकात्मक उम्मीदवार के रूप में नहीं, बल्कि एक गंभीर चुनौती के तौर पर देख रही है.

कौन हैं विदिशा नेओग?

विदिशा नेओग करीब एक साल पहले कांग्रेस में शामिल हुई थीं. वह पहली बार चुनाव लड़ रही हैं और सीधे मुख्यमंत्री को टक्कर दे रही हैं. अपने प्रचार के दौरान विदिशा ने घर-घर जाकर वोट मांगे हैं और राहुल गांधी के प्रसिद्ध नारे 'नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान' और 'डरना मत' का जिक्र कर रही हैं. विदिशा का कहना है कि वह हिमंता विश्व शर्मा से लड़ने से नहीं डरतीं और खुद को असम की बहादुर बेटी कनकलता बरुआ की तरह मानती हैं.

जलुकबारी का चुनावी समीकरण

जलुकबारी सीट पर पिछले 40 सालों से गुरु-शिष्य की जोड़ी का कब्जा रहा है. पहले भृगु कुमार फुकन और फिर हिमंता विश्व शर्मा. हिमंता यहाँ से साल 2001 से लगातार जीतते आ रहे हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,16,224 वोटर्स हैं और 247 पोलिंग स्टेशन्स बनाए गए थे.

  • बीजेपी की मजबूती: शहरी वोट बैंक, मजबूत संगठन और विकास कार्यों के दम पर हिमंता यहाँ काफी सहज दिख रहे हैं.
  • कांग्रेस की उम्मीद: कांग्रेस स्थानीय मुद्दों और सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) को भुनाने की कोशिश कर रही है.

नतीजे तय करेंगे असम की राजनीति का रुख

9 अप्रैल को जलुकबारी में वोटिंग संपन्न हो चुकी है और अब सभी को 4 मई के नतीजों का इंतजार है. यदि हिमंता यहाँ बड़े अंतर से जीतते हैं, तो यह असम में उनकी पकड़ और बीजेपी के नेतृत्व को और मजबूती देगा. वहीं, अगर विदिशा नेओग वोट शेयर बढ़ाने या हिमंता को कड़ी टक्कर देने में सफल रहती हैं, तो यह कांग्रेस के लिए एक बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला परिणाम होगा.


 

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