पश्चिम बंगाल में जिस वक्त बीजेपी अपनी ऐतिहासिक जीत का जश्न मना रही थी, उसी दौरान एक ऐसी वारदात हुई है जिसने पार्टी को झकझोर कर रख दिया है. बुधवार यानी 6 मई की देर शाम मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजती है. एक के बाद एक चार राउंड फायरिंग हुई और निशाने पर थे सुवंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ, ये वहीं शख्स हैं जिन्हें बंगाल की राजनीति का 'साइलेंट प्लेयर' कहा जाता था.
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गोली लगने के बाद घायल अवस्थान में जैसे तैसे उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया और इलाज के दौरान चंद्रनाथ ने दम तोड़ दिया. अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर चंद्रनाथ रथ थे कौन? क्यों उन्हें बंगाल के अगले मुख्यमंत्री के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे सुवेंदु अधिकारी का 'संकटमोचक' कहा जाता था? चलिए, जानते हैं पर्दे के पीछे रहने वाले इस ताकतवर शख्स की पूरी कहानी.
कौन है चंद्रनाथ रथ
41 साल के चंद्रनाथ रथ Indian Air Force में अधिकारी रह चुके है. करीब 20 साल तक देश की सेवा करने के बाद उन्होंने वॉलेंट्री रिटायरमेंट लिया और कुछ वक्त कॉर्पोरेट सेक्टर में भी बिताया. लेकिन उनकी असली पहचान बनी सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक यानी PA के तौर पर.
चंद्रनाथ पश्चिम बंगाल के पुरबा मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर के रहने वाले थे और सुवेंदु के इतने करीब थे कि उनके सबसे संवेदनशील राजनीतिक बैठकों से लेकर चुनावी मैनेजमेंट तक सब कुछ चंद्रनाथ ही संभालते थे."
दिलचस्प बात ये है कि चंद्रनाथ का परिवार पहले TMC से ही जुड़ा था. उनकी मां हासिरानी रथ खुद पंचायत बॉडी में पद पर थीं. लेकिन जब सुवेंदु अधिकारी ने बीजेपी का दामन थामा तो यह परिवार भी उनके साथ बीजेपी में आ गया.
भले ही वो मीडिया की सुर्खियों में नहीं रहते थे लेकिन वो कितने अहम थे इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भवानीपुर में ममता बनर्जी के खिलाफ सुवेंदु के चुनाव अभियान की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी. 30 अप्रैल को जब काउंटिंग सेंटर के बाहर बीजेपी का प्रोटेस्ट हुआ तो उसे लीड करने वाले भी चंद्रनाथ ही थें.
चंद्रनाथ की हत्या से पुरा प्रदेश और पार्टी गमगीन तो हो ही गया है लेकिन इन सब के बीच उनकी मां का एक भावुक करने वाला बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उन्होंने भरे मन से कहा कि, 'दोषियों को फांसी नहीं, बल्कि उम्रकैद मिलनी चाहिए.' उनका आरोप है कि सुवेंदु अधिकारी के हाथों ममता बनर्जी की हार की वजह से उनके बेटे को निशाना बनाया गया है. वहीं उनके छोटे भाई देव कुमार ने इस पूरी साजिश की कड़ी जांच की मांग की है."
राजनीति में उबाल
इस हत्याकांड के बाद बंगाल की राजनीति में उबाल है. सुवेंदु अधिकारी खुद गहरे शोक में हैं. उनके भाई दिव्येंदु अधिकारी ने इस पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग की है. वहीं बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल और अर्जुन सिंह ने इसके लिए सीधे तौर पर टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है.
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