तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति को एक ऐसे मोड़ पर खड़ा कर दिया है, जहां हर कदम फूंक-फूंकर रखा जा रहा है. किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण सरकार बनाने की रस्साकशी जारी है. इस बीच, सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके (DMK) प्रमुख एमके स्टालिन ने विजय की सरकार बनने की कवायद को लेकर एक बड़ा और सकारात्मक बयान दिया है.
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स्टालिन का मास्टरस्ट्रोक: "TVK सरकार को डिस्टर्ब न किया जाए"
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर है कि एमके स्टालिन ने स्पष्ट किया है कि वे नहीं चाहते कि तमिलनाडु में कोई संवैधानिक संकट (Constitutional Crisis) पैदा हो. स्टालिन ने अपील की है कि अगले 6 महीनों तक विजय की सरकार को अस्थिर न किया जाए. उन्होंने विजय से यह भी आग्रह किया कि वे जनहित में उन कल्याणकारी योजनाओं (Welfare Schemes) को जारी रखें, जो डीएमके सरकार ने शुरू की थीं.
डीएमके-एआईएडीएमके गठबंधन की अटकलें खत्म
चुनाव परिणामों के बाद यह चर्चा जोरों पर थी कि विजय की बढ़ती लोकप्रियता को रोकने के लिए पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी डीएमके और एआईएडीएमके हाथ मिला सकते हैं. हालांकि, स्टालिन के इस रुख ने उन तमाम अफवाहों पर विराम लगा दिया है. स्टालिन के इस स्टैंड से विजय को एक बड़ी 'मानसिक राहत' मिली है, क्योंकि अब उनके सामने विपक्ष की ओर से तत्काल किसी 'ऑपरेशन लोटस' या 'गठबंधन पलटवार' का खतरा कम हो गया है.
बहुमत का गणित: अब भी 6 सीटों की चुनौती
विजय की पार्टी टीवीके ने चुनाव में 108 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, लेकिन बहुमत का जादुई आंकड़ा 118 है. विजय खुद दो सीटों से चुनाव जीते थे, इसलिए नियमानुसार एक सीट छोड़ने के बाद उनकी पार्टी की प्रभावी संख्या 107 रह जाएगी.
- गठबंधन का सहारा: कांग्रेस के 5 विधायकों ने टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है, जिससे यह आंकड़ा 112 तक पहुंच गया है.
- आगे की राह: सरकार बनाने और उसे टिकाए रखने के लिए विजय को अभी भी 6 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है. चर्चा है कि विजय निर्दलीय और अन्य छोटे दलों के संपर्क में हैं.
राज्यपाल की शर्त और शपथ ग्रहण की तैयारी
विजय ने हाल ही में राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात की है. राज्यपाल ने उन्हें स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें पहले 118 विधायकों के समर्थन का प्रमाण देना होगा. विजय ने इसके लिए कुछ समय मांगा है. वहीं, चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह की प्रारंभिक तैयारियां भी देखी जा रही हैं, हालांकि आधिकारिक तारीख का ऐलान बहुमत साबित होने के बाद ही होगा.
एमके स्टालिन के इस अनपेक्षित 'सहयोग' ने तमिलनाडु की राजनीति में विजय की राह को थोड़ा आसान जरूर बना दिया है, लेकिन 118 के आंकड़े को सदन के पटल पर साबित करना अब भी उनके राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी परीक्षा है.
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