थलापति विजय की ऐतिहासिक जीत पर प्रशांत किशोर की भविष्यवाणी सच, पीके ने महीनों पहले ही बता दिया था जीत का नंबर

Prashant Kishor Prediction: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में थलापति विजय की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रशांत किशोर की महीनों पुरानी भविष्यवाणी चर्चा में है. पीके ने पहले ही दावा किया था कि विजय की पार्टी TVK 118+ सीटों का आंकड़ा पार कर सकती है. जानिए इस राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक की पूरी कहानी.

Prashant Kishor Prediction on TVK Victory
Prashant Kishor Prediction on TVK Victory

निधि तनेजा

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तमिलनाडु की राजनीति में सिनेमा के पर्दे से निकलकर लोकतंत्र की जंग में सीधे किंग बनकर उभरे थलापति विजय ने सबको चौंका दिया है. लेकिन इस बड़ी जीत की पटकथा रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बहुत पहले ही लिख दी थी. अब जब चुनावी नतीजे सामने आए हैं, तो पीके का वह पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने विजय की पार्टी की जीत का सटीक दावा किया था. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.

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पीके की वो भविष्यवाणी 

महीनों पहले जब थलापति विजय अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम'(TVK) को जमीन पर मजबूत करने की तैयारी कर रहे थे, तभी प्रशांत किशोर ने एक इंटरव्यू में उनकी जीत की प्रबल संभावना जता दी थी. प्रशांत किशोर ने स्पष्ट रूप से दावा किया था कि विजय की पार्टी 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा, यानी 118+ सीटें पार कर लेगी. उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा था कि इस वीडियो को संभाल कर रखिए और नतीजों के दिन इसे चलाइएगा. आज जब नतीजे पीके की भविष्यवाणी के अनुरूप दिख रहे हैं, तो विश्लेषकों के बीच उनकी रणनीतिक समझ की फिर से चर्चा हो रही है.

बिना किसी बैसाखी के अकेले लड़ने की सलाह

प्रशांत किशोर की सबसे बड़ी और साहसी सलाह यह थी कि विजय किसी भी गठबंधन DMK या AIADMK का हिस्सा न बनें. पीके का मानना था कि तमिलनाडु की जनता पिछले 30-35 सालों से चले आ रहे पारंपरिक राजनीतिक ढांचे से ऊब चुकी है और एक तीसरे विकल्प के लिए तड़प रही हैं. उन्होंने Go Solo की रणनीति सुझाई, जिससे विजय खुद को बदलाव के प्रतीक के रूप में स्थापित कर सकें. पीके के अनुसार, अकेले चुनाव लड़ने पर ही विजय के पास जीतने का सबसे अच्छा मौका था जो आज सच साबित होता नजर आ रहा है.

एमएस धोनी से तुलना और सबसे लोकप्रिय बिहारी बनने की चाहत

एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब प्रशांत किशोर ने विजय की लोकप्रियता की तुलना क्रिकेट दिग्गज एमएस धोनी से की. पीके ने कहा था कि जिस तरह धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स को जीत दिलाकर तमिलनाडु में अपनी जगह बनाई, वैसे ही वह विजय की TVK को जीत दिलाकर तमिलनाडु में सबसे लोकप्रिय बिहारी बनना चाहते हैं. उन्होंने इसे एक इमोशनल एंगल दिया ताकि युवाओं और क्रिकेट प्रेमियों के बीच विजय की पार्टी के प्रति एक गहरा जुड़ाव पैदा किया जा सके.

माइक्रो मैनेजमेंट और 20% वोट शेयर का गणित

जीत के पीछे केवल नारे नहीं, बल्कि पीके का माइक्रो मैनेजमेंट भी था. उनके मार्गदर्शन में टीवीके ने राज्य के लगभग 69,000 बूथों पर अपनी कमेटियां तैनात कीं. पीके ने डेटा के जरिए पहचाना कि तमिलनाडु में करीब 15-20% 'फ्लोटिंग वोटर्स' हैं जो द्रविड़ पार्टियों से अलग विकल्प चाहते हैं. इसी 20% वोट बैंक को ध्यान में रखकर पूरी चुनावी बिसात बिछाई गई थी. इसके साथ ही भ्रष्टाचार और परिवारवाद के खिलाफ मोर्चा खोलकर उन्होंने सीधे डीएमके और बीजेपी दोनों को निशाने पर लिया.

रणनीतिकार के तौर पर पीके का एक और मास्टरस्ट्रोक

यह पहली बार नहीं है जब प्रशांत किशोर की रणनीति ने किसी को सत्ता की दहलीज तक पहुंचाया हो. 2014 में नरेंद्र मोदी के लिए चाय पे चर्चा, 2015 में बिहार का महागठबंधन, 2017 में पंजाब में कांग्रेस की वापसी और 2021 में बंगाल में ममता बनर्जी की जीत के बाद अब तमिलनाडु 2026, उनके करियर का एक और बड़ा धमाका बनकर उभरा है. उन्होंने साबित कर दिया है कि भले ही वह खुद नेता के तौर पर सफल न रहे हों, लेकिन किंगमेकर के रूप में उनका कोई सानी नहीं है.

यहां देखें वीडियो

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