Charchit Chehra: तमिलनाडु की राजनीति में हमेशा से DMK और AIADMK का वर्चस्व रहा है, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल ने सबको चौंका दिया है. दिग्गज चुनाव विश्लेषक प्रदीप गुप्ता और उनकी टीम Axis My India के मुताबिक, थलापति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) को 98 से 120 सीटें मिल सकती हैं. अगर यह आंकड़े नतीजों में बदलते हैं, तो विजय न केवल किंगमेकर बल्कि सीधे तौर पर सत्ता की रेस में सबसे आगे नजर आ रहे हैं.
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एमजीआर की याद दिलाता विजय का सफर
वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, विजय की तुलना तमिलनाडु के दिग्गज नेता एमजी रामचंद्रन (MGR) से की जा रही है. जिस तरह एमजीआर ने अपने विशाल फैन बेस को वोट बैंक में तब्दील किया था, ठीक वही करिश्मा विजय करते दिख रहे हैं. विजय ने सालों पहले अपने फैन क्लब 'विजय मक्कल यक्कम' को एक कल्याणकारी संस्था बनाया और फिर उसे एक राजनीतिक मशीनरी में ढाल दिया
प्रदीप गुप्ता का बड़ा दांव
प्रदीप गुप्ता का यह एग्जिट पोल एक बड़ा रिस्क माना जा रहा है, क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनावों में उनके कुछ अनुमान सटीक नहीं बैठे थे. हालांकि, तमिलनाडु में विजय को 'किंग' बताने का उनका डेटा बेस पर आधारित यह 'मेक या ब्रेक' दांव राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
अपमान से आत्मसम्मान तक की जंग
विजय की राजनीति में आने की कहानी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है. 2011 में उन्होंने AIADMK को समर्थन दिया था, लेकिन बाद में जयललिता (अम्मा) के साथ उनके रिश्तों में खटास आ गई. फिल्म 'थलाइवा' की टैगलाइन "Time to Lead" को लेकर हुए विवाद और अपमान ने विजय को यह अहसास करा दिया कि एक एक्टर चाहे कितना भी बड़ा हो, वह नेता से बड़ा नहीं हो सकता. इसी वैक्यूम को भरने के लिए विजय ने अपना सफल फिल्मी करियर छोड़कर पूरी तरह राजनीति में उतरने का फैसला किया.
'लेडी लक' और सीक्रेट सपोर्ट
रिपोर्ट में अभिनेत्री तृषा कृष्णन को विजय का 'लेडी लक' कहा जा रहा है. चुनाव के दौरान तृषा की एक इंस्टाग्राम पोस्ट, जिसमें उन्होंने फिल्म 'गिल्ली' का गाना इस्तेमाल किया था, उसे विजय की पार्टी के चुनाव चिन्ह 'व्हिसल' (सीटी) के लिए साइलेंट सपोर्ट माना गया. समर्थकों का मानना है कि फिल्मों की तरह राजनीति में भी यह जोड़ी लकी साबित हो रही है.
क्या तमिलनाडु को मिलेगा नया जननायक?
2021 के स्थानीय निकाय चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत से शुरू हुआ यह पायलट प्रोजेक्ट अब विधानसभा तक पहुंच गया है. इनकम टैक्स के नोटिस और फिल्मों पर बैन जैसी चुनौतियों के बावजूद विजय के प्रति जनता की सहानुभूति और उनका 'थलापति' वाला अंदाज उन्हें सीएम की कुर्सी के करीब ले जाता दिख रहा है.
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